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Bihar : शम्भू गर्ल्स हॉस्टल कांड पर गरमाई सियासत, रोहिणी आचार्य ने सरकार को घेरा; दिलाई मुजफ्फरपुर की याद

Fri, 30 Jan 2026 11:22 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Shambhu Girls Hostel : रोहिणी आचार्या आज फिर सोशल मीडिया पर आकर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। सरकार, सिस्टम और पुलिस पर जमकर बोला। 
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रोहिणी आचार्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना के गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व राजद नेता रोहिणी आचार्य ने इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। रोहिणी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन न्याय दिलाने के बजाय दोषियों को बचाने की मुहिम चला रहे हैं।

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मुजफ्फरपुर जैसा ही होगा हाल
सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते हुए रोहिणी आचार्य ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह मुजफ्फरपुर मामले में बेटियों को इंसाफ के लिए दर-दर भटकना पड़ा, वैसी ही स्थिति यहाँ भी दिख रही है। उन्होंने दावा किया कि शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के साथ बलात्कार के बाद उसकी बेरहमी से हत्या की गई, लेकिन पुलिस की कार्यशैली से इंसाफ की गुंजाइश खत्म होती दिख रही है।
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पुलिस की जांच पर उठाए 5 गंभीर सवाल
रोहिणी आचार्य ने पटना पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस ने बलात्कार की बात को सिरे से क्यों नकारा? घटनास्थल को कई दिनों तक सील क्यों नहीं किया गया? क्या दोषियों को सबूत मिटाने का मौका दिया गया? परिजनों द्वारा बताए गए संदिग्धों और शक के घेरे में आए डॉक्टरों से अब तक पूछताछ या गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? आरोप है कि महिला थानाध्यक्ष और हॉस्टल संचालिका ने परिजनों पर पैसे लेकर मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया, फिर इसकी जांच क्यों नहीं? रोहिणी का आरोप है कि एसआईटी जांच के नाम पर मृतका के परिजनों को न्याय देने के बजाय बेवजह परेशान किया जा रहा है।
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परिजनों ने पुलिस पर लगाये गंभीर आरोप 
मृतका के परिजन पहले ही पुलिस की थ्योरी पर असंतुष्ट हैं। रोहिणी ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवार की मदद करने के बजाय उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद अब नीतीश सरकार के कानून-व्यवस्था के दावों पर विपक्षी दल हमलावर हो गए हैं। रोहिणी ने स्पष्ट रूप से कहा कि घटना के पहले दिन से ही पुलिस का जो रवैया रहा है, उससे साफ है कि किसी रसूखदार को बचाने की कोशिश हो रही है। अब डीजीपी की ओर से परिजनों को यह कहना कि बलात्कार नहीं हुआ, मामले को दबाने की आखिरी कोशिश है।

क्या लिखा रोहिणी ने 
माननीय मुख्यमंत्री जी .. जैसे आपके शासन में मुजफ्फरपुर महापाप के मामले में बेटियों को इंसाफ नहीं मिला, असली दोषियों को सजा नहीं मिली, ठीक वैसे ही शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में बलात्कार की शिकार बनाए जाने के बाद बेरहमी से मार दी गयी बेटी के मामले में भी इंसाफ मिलने की गुंजाईश नहीं दिखती .. मुख्यमंत्री जी .. घटना घटित होने व् उजागर होने के दिन से अभी तक के पुलिसिया जाँच के रवैये - तौर - तरीके से तो यही स्पष्ट होता है कि किसी को बचाना चाहती है आपकी सरकार व् पुलिस , पहले बिना पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट के आए बलात्कार होने से पटना पुलिस ने इंकार किया, घटना - स्थल को कई दिनों तक सील न कर दोषियों को सबूतों व् साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की छूट दी गयी , शक के घेरे में आने वाले लोगों और परिजनों के द्वारा बताए गए आरोपियों व् संदिग्ध भूमिका वाले डॉक्टरों की न तो गिरफ़्तारी हुई ना ही उनसे कोई कड़ी पूछताछ , परिजनों पर महिला थानाध्यक्ष व् हॉस्टल संचालिका के द्वारा पैसा लेने का दबाब बना कर मामले को रफा - दफा करने की कोशिश की गयी , एसआईटी जांच की आड़ में मृतका के परिजनों को बेवजह परेशान किया गया और अब आज जब ऐसी खबरें आ रहीं हैं कि " मृतका के परिजनों को डीजीपी के द्वारा ये बताया गया कि बलात्कार की बात गलत है , मामला आत्म - हत्या का है , तो ऐसे में इंसाफ मिलना तो दूर की बात इस जघन्य - घृणित घटना को अंजाम देने वालों को सेफ - पैसेज देती ही दिखती है बिहार पुलिस 

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