पौराणिक दृष्टि से भी बक्सर का विशेष महत्व है। यह भूमि भगवान श्रीराम की शिक्षा स्थली, भगवान वामन की जन्मस्थली तथा महर्षि विश्वामित्र की तपस्थली रही है। गंगा के तट पर बसा यह जिला धार्मिक आस्था का केंद्र है, जहां मां गंगा की उत्तरायणी धारा प्रवाहित होती है। जिले की सीमाएं पूर्व में भोजपुरी क्षेत्र, दक्षिण में रोहतास, उत्तर में गंगा नदी और पश्चिम में कैमूर तथा कर्मनासा नदी से घिरी हैं। धार्मिक स्थलों में रामरेखा घाट विशेष महत्व रखता है, जहां भगवान श्रीराम द्वारा स्थापित प्रथम रामेश्वरनाथ मंदिर स्थित है। इसके अलावा श्रीनाथ बाबा मंदिर, माता सीता के मामा जी महाराज का प्रसिद्ध आश्रम (सीताराम विवाह महोत्सव स्थल), वामन भगवान की जन्मस्थली, बाबा बरमेश्वरनाथ मंदिर, नौलखा मंदिर, डुमरा स्थित बिहारी मंदिर सहित अनेक प्राचीन धार्मिक स्थल आज भी आस्था के केंद्र हैं।
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भाजपा का गढ़, लेकिन बदले समीकरण
बक्सर विधानसभा: इस सीट पर पिछले दो चुनावों से कांग्रेस के संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी का कब्जा है। उन्होंने भाजपा के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में लगातार जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है। पिछली बार उन्होंने भाजपा के किसान नेता परशुराम चतुर्वेदी को हराया था।
राजपुर विधानसभा: इस सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे विश्वनाथ राम ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद जदयू उम्मीदवार संतोष कुमार निराला को पराजित कर जीत हासिल की थी।
डुमरांव विधानसभा: यहां भाकपा (माले) के अजीत सिंह कुशवाहा ने जदयू की अंजुम आरा को हराकर विधानसभा की सीट जीती।
ब्रह्मपुर विधानसभा: इस सीट से राजद के शंभू यादव पिछले दो चुनावों से लगातार विधायक निर्वाचित होते आ रहे हैं। उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में एलजेपी के हुलास पांडेय को शिकस्त दी थी।