पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों को किया गिरफ्तार
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रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के बभनी गांव में सात वर्षीय हिमांशु की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मासूम की हत्या में शामिल गांव के ही दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्होंने पुलिस के सामने अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया है।
फिरौती की योजना नाकाम होने पर ली मासूम की जान
पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने शुक्रवार को करगहर थाने में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बताया कि दो सगे भाइयों ने सात वर्षीय बालक को अगवा कर फिरौती लेने की योजना बनाई थी। हालांकि जब वे फिरौती मांगने में सफल नहीं हो सके, तो उन्होंने भेद खुलने के डर से मासूम की हत्या कर दी।
घर में खींचकर की हत्या, शव भूसे में छिपाया
बभनी गांव निवासी सुनील सिंह के दो बेटों ने 26 जनवरी को बच्चे के अपहरण की योजना बनाई थी। जैसे ही हिमांशु घर से बाजार के लिए निकला, दोनों ने उसे अपने घर में खींच लिया। मासूम जोर-जोर से चिल्लाने लगा, जिससे डरकर आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी और शव को भूसे के ढेर में छिपा दिया।
शव से बदबू आने पर हुआ खुलासा
घटना के दो दिन बाद, 28 जनवरी को शव से दुर्गंध आने लगी, जिसके बाद ग्रामीणों ने घर में प्रवेश किया। वहां बच्चे का शव देखकर पूरे गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
तकनीकी जांच में पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने जब गृहस्वामी के छोटे बेटे से पूछताछ की, तो उसने अपने बड़े भाई को हत्या का जिम्मेदार बताया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों विभोर उर्फ अंकुर और उसके नाबालिग भाई को गिरफ्तार कर लिया। एसपी रोशन कुमार ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और स्पीडी ट्रायल के तहत अविलंब सजा दिलाई जाएगी। पुलिस ने दोनों भाइयों को जेल भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।