भागवत बिहार के सारण जिले के मलखाचक गांव में अल्पज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों की याद में आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने पत्रकार रवींद्र कुमार की ‘स्वतंत्रता आंदोलन की बिखरी कड़ियां’ नामक किताब का विमोचन भी किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि जिन लोगों ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, उन्होंने दिखाया कि किस तरह विभिन्न विचारधाराओं के लोग एक समान उद्देश्य के लिए एक साथ आ सकते हैं। भागवत ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की जाति, पंथ, भाषा व प्रांत अलग थे लेकिन उनका उद्देश्य एक था।
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भागवत बिहार के सारण जिले के मलखाचक गांव में अल्पज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों की याद में आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने पत्रकार रवींद्र कुमार की ‘स्वतंत्रता आंदोलन की बिखरी कड़ियां’ नामक किताब का विमोचन भी किया। आरएसएस प्रमुख ने विश्व शक्ति की धारणा को भी खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि भारत कभी भी इस तरह की आकांक्षा को आश्रय नहीं दे सकता है। भागवत ने कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यता हमेशा सार्वभौमिक कल्याण के लिए खड़ी हुई है। सारण से भागवत दरभंगा रवाना हुए जहां वह प्रदेश के सभी 38 जिलों से आए संघ प्रचारकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंगे। सारण में आयोजित समारोह में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल और विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद थे।