आरा में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी आरा ने मानव तस्करी का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में 9 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम में फंसने से बचाया गया और दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी आरा ने मानव तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 9 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया गया और दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस सफलता में बचपन बचाओ संस्था के स्टाफ का सहयोग भी शामिल रहा। दानापुर मंडल के आरपीएफ पोस्ट आरा ने ऑपरेशन आहट के तहत मानव तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की। समय रहते की गई इस कार्रवाई में 9 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम में धकेलने की साजिश से बचा लिया गया। सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से रेल चाइल्ड लाइन भोजपुर को सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में जीआरपी आरा में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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गिरफ्तार तस्कर और उनकी योजना
आरपीएफ आरा ने वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, दानापुर के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में कृष्णागढ़ थाना क्षेत्र के निर्मल कुमार और पीरो थाना क्षेत्र के पंचरुखिया गांव के निवासी पल्लू राम शामिल हैं। जांच में पता चला कि दोनों तस्कर 9 नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर आरा से सिकंदराबाद ले जा रहे थे। बच्चों को सिकंदराबाद स्थित एक चॉकलेट फैक्ट्री में काम पर लगाने की योजना थी।
तलाशी के दौरान दोनों अभियुक्तों के पास से आरा से सिकंदराबाद तक के पांच सामान्य रेल यात्रा टिकट, नकद राशि और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि सभी नाबालिग बच्चों को अग्रिम प्रलोभन के तौर पर 500-500 रुपये दिए गए थे। इस कार्रवाई से मानव तस्करी के खिलाफ आरपीएफ और जीआरपी की सक्रियता और प्रभावी निगरानी सामने आई है।