Bihar News: भाजपा की ओर से राज्यसभा के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी गई है। बिहार से नितिन नवीन के अलावा जिन्हें उम्मीदवार बनाया गया, उनकी चर्चा खूब हो रही है। उनके बारे में लोग जानना चाह रहे हैं। उनके भेजने के पीछे क्या प्रमुख कारण है? आइये जानते हैं सब कुछ इस खबर में...
भारतीय जनता पार्टी में अपने प्रदेश मंत्री शिवेश कुमार उर्फ शिवेश राम को राज्यसभा भेजने का फैसला लिया है। मंगलवार दोपहर भारतीय जनता पार्टी के महासचिव अरुण सिंह की ओर से जो चिट्ठी जारी की गई उसमें बिहार से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा शिवेश कुमार का भी नाम है। यानी यह स्पष्ट है कि शिवेश कुमार अब राज्यसभा जा रहे है। उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होने के कुछ देर बाद ही शिवेश कुमार सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे। शिवेश कुमार कौन है शिवेश कुमार कहां से हैं शिवेश कुमार ने कहां से पढ़ाई की है शिवेश कुमार की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है शिवेश कुमार का भाजपा में क्या दायित्व है यह सब सवाल खूब सर्च किया जा रहे हैं? आईए जानते हैं शिवेश कुमार के बारे में...
विज्ञापन
शिवेश कुमार वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री हैं। साथ ही वह भोजपुरी के अगिआंव विधानसभा से विधायक भी रह चुके हैं। पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सासाराम सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री छेदी पासवान की जगह उन्हें उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन संगठन में उनकी सक्रियता और पकड़ बरकरार है। विधानसभा चुनाव के बाद से लगातार पार्टी कार्यक्रमों, बैठकों और कार्यशालाओं में सक्रिय दिख रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक शिवेश राम को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का भी करीबी माना जाता है। ऐसे में उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा तेज हो गई है।
Rajya Sabha Election: जदयू की सूची बाकी, एनडीए का तीसरा प्रत्याशी तय; उपेंद्र कुशवाहा लड़ेंगे राज्यसभा चुनाव
विज्ञापन
क्यों खेला शिवेश पर दांव?
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी का कहना है कि शिवेश राम सभी जातियों को साथ लेकर चलने वाले नेता हैं। हाल के वर्षों में भाजपा ने बिहार से किसी प्रमुख दलित चेहरे को राज्यसभा नहीं भेजा है। शिवेश कुमार चमाड़ जाति से आते हैं, जिसकी बिहार में अच्छी खासी संख्या है। इस समाज का लंबे समय तक नेतृत्व रमई राम करते रहे, लेकिन उनके बाद इस वर्ग से कोई बड़ा चेहरा उभरकर सामने नहीं आया। ऐसे में पार्टी सामाजिक संतुलन साधने के तहत शिवेश कुमार पर दांव खेला है। आगे बंगाल चुनाव भी है। ऐसे में भाजपा जातीय समीकरण का ख्याल रखकर बड़ा मैसेज देना चाहती है।
2010 में बने थे विधायक
शिवेश कुमार का राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ। एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में संगठन में सक्रिय रहते हुए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2010 में भोजपुर जिले की अगियांव विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बने। संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए उन्हें बाद में प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
जानिए पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में
राज्यसभा उम्मीदवार बनाए गए शिवेश कुमार की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी मजबूत रही है। उनके पिता मुन्नीलाल सासाराम से तीन बार सांसद चुने गए थे और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रहे। साथ ही वह आईएएस अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवा दे चुके थे। भोजपुर जिले के ज्ञानपुर सेमरिया गांव से ताल्लुक रखने वाले शिवेश राम की प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई, जबकि आगे की पढ़ाई रांची में संपन्न हुई। विज्ञान के छात्र रहे शिवेश कुमार को सौम्य, संगठननिष्ठ और विवादों से दूर रहने वाला नेता माना जाता है।