बिहार में राज्यसभा की पांचों सीट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार जीत गए हैं। चार सीटों पर जीत तो पहले से ही तय थी। लेकिन, पांचवीं सीट पर महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह से एनडीए के उम्मीदवार शिवेश राम का मुकाबला हुआ। एनडीए के सभी 202 विधायकों ने वोट किया। लेकिन, महागठबंधन की ओर से चार विधायक (कांग्रेस के तीन और राजद के एक) विधायक विधानसभा नहीं पहुंचे। मतगणना के बाद एनडीए के सभी उम्मीदवारों की जीत की घोषणा कर दी गई। एनडीए के कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं।
जानिए कहां हो गया खेला?
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने 202 विधायकों के बल पर अपने पांच उम्मीवार को चुनावी मैदान में उतारा था। इसमें से चार सीट पर तो जीत पहले से तय थी। लेकिन, पांचवीं सीट पर महागठबंधन की ओर से राजद ने अमरेंद्र धारी सिंह को चुनावी मैदान में उतार दिया। इस कारण पांचवीं सीट पर एनडीए बनाम महागठबंधन मुकाबला हो गया। दोनों गठबंधन ने अपने अपने विधायकों को एकजुट करना शुरू किया। पहले तेजस्वी यादव ने विधायकों को एकजुट किया। तेजस्वी AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान की इफ्तार पार्टी में शामिल हुए। बसपा के एकमात्र विधायक सतीश यादव ने महागठबंधन को समर्थन दिया। 15 मार्च को तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के सभी विधायकों को पटना के होटल में ठहरने को कहा। चार विधायकों को छोड़ सभी होटल में आए। 16 मार्च को कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक ने मतदान प्रक्रिया में भाग ही नहीं लिया। महागठबंधन को पांचवी सीट पर जीत के लिए 41 विधायकों की जरूरत थी। AIMIM और बसपा के दम पर तो महागठबंधन ने जीत का दावा कर दिया था लेकिन अंत में चार विधायकों ने खेला कर दिया। यह लोग मतदान के लिए ही नहीं पहुंचे। इस कारण महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा।