भारतीय जनता पार्टी के बांकीपुर प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा 'बंटी' ने नामांकन के अगले दिन नाम वापस क्यों लिया, यह समझने के लिए 'अमर उजाला' की कल की खबर भी पढ़ी जा सकती है। फिलहाल, यह खबर पढ़ने लायक है कि भाजपा वाले भी पूछ रहे कि अभिषेक की जगह नए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा की पहचान क्या है? नीरज का भाजपा दफ्तर में आना-जाना तो है, लेकिन महानगर स्तर के कार्यकर्ता को टिकट मिलने के बाद भाजपा में भी हड़कंप है। जो नाम पहले से चल रहे थे, वह भी चौंक रहे अब।
कौन हैं भाजपा के नए प्रत्याशी
भाजपा ने कई बड़े और चर्चित नामों को छोड़कर प्रशांत किशोर के सामने जब अभिषेक कुमार बंटी को उतारा, तब यह कहा जा रहा था कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने पुराने सहयोगी को टिकट दिया। अभिषेक की पहचान कई और कारणों से भी थी। खैर, अब जब उन्होंने उम्मीदवारी छोड़ी तो नया नाम देने के साथ ही भाजपा को विस्तार से बताना पड़ा कि नीरज कुमार सिन्हा कौन हैं। बताया तो अभिषेक का भी था, लेकिन नीरज के मामले में सबसे बड़ी पहचान उनका कायस्थ, यानी लाला होना है और दूसरा उनके जनसंघी चाचा से उनकी पहचान जोड़ते हुए उसी पर जोर दिया गया।
नीरज के चाचा जनसंघ के बड़े नाम
बिहार की राजधानी पटना के मीठापुर बी एरिया के रहने वाले युवा भाजपा नेता नीरज कुमार सिन्हा राजनीति और सामाजिक कार्यों में लगातार सक्रिय हैं। 1 जुलाई 1994 को पटना में जन्मे नीरज कुमार सिन्हा अविवाहित हैं और उन्होंने स्नातक (B.A.) तक की शिक्षा ग्रहण की है। नीरज कुमार सिन्हा का परिवार जनसंघ के समय से ही राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़ा रहा है। जनसंघ ही बाद में भाजपा के रूप में सामने आया था। उनके चाचा स्व० नरेंद्र भारती जी जनसंघ काल के एक समर्पित कार्यकर्ता थे, जिनका देहांत वर्ष 1984 में हो गया था। उनके इसी समर्पण और शहादत को सम्मान देने के लिए इस क्षेत्र के भाजपा मंडल का नाम 'नरेंद्र भारती मंडल' रखा गया, जिसके नेतृत्व की कमान आज खुद नीरज कुमार सिन्हा संभाल रहे हैं।
सांगठनिक सफर: बूथ स्तर से मंडल अध्यक्ष तक
नीरज कुमार सिन्हा का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ सफर बेहद जमीनी स्तर से शुरू हुआ है। उनकी राजनैतिक यात्रा के मुख्य पड़ाव निम्नलिखित हैं-
शुरुआत: उन्होंने वर्ष 2006 में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की थी।
शुरुआती पद: इसके बाद उन्होंने संगठन में बूथ अध्यक्ष (नरेंद्र भारती मंडल) के रूप में कार्य किया।
सांगठनिक विस्तार: संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें नरेंद्र भारती मंडल का मंडल महामंत्री और बाद में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) का जिला उपाध्यक्ष बनाया गया।
वर्तमान भूमिका: अपनी कार्यकुशलता के दम पर वे दो बार मंडल अध्यक्ष चुने गए और वर्तमान में भी नरेंद्र भारती मंडल के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।