Prem Kumar Exclusive: बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के वरिष्ठ विधायक डॉ. प्रेम कुमार को निर्विरोध और सर्वसम्मति से बिहार विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया। वह लगातार 9 बार विधायक रहे हैं। अमर उजाला ने उनसे खास बातचीत की, क्या कुछ कहा, आइये जानते हैं।
सवाल: बिहार विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में सबसे पहले आपको बधाई। केंद्र में जो संसद चल रहा है… बिहार में विधानसभा, दोनों जगह ये परिस्थिति बार-बार आती रही है कि बहुत दिन तक कुछ सकारात्मक नहीं होता। पिछले चार दिनों में (सदन में) जो नजर आया, वो थोड़ा ठीक-ठाक नजर आया। इसका कारण क्या है?
डॉ. प्रेम कुमार: देखिए, बिहार विधानसभा जो है वह नियमानुसार चलती है। उसकी प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली है। उस समय माननीय सदस्यों को अवसर मिलता है कई माध्यमों से। अभी नई सरकार गठित हुई थी, तो नई सरकार का जो बिजनेस था, उसके हिसाब से सत्र चल रहा था। यह सत्र एक से पांच तक का था। पहले दिन सदस्यों की शपथ हुई, दूसरे दिन अध्यक्ष का चुनाव हुआ, तीसरे दिन माननीय राज्यपाल का भाषण हुआ, चौथे दिन डिबेट हुई और पांचवें दिन सरकार का सेकंड सप्लीमेंट्री प्रस्तुत हुआ। छोटा सत्र था, पांच दिनों में सभी दलों के नेताओं और विधायकों को अपनी बात रखने का मौका मिला।
सवाल: हम लोग अनुभव को बदलना चाह रहे हैं… यह बार-बार लगता है कि कुछ अनुभव बदलना चाहिए। हंगामे में सब चीज नहीं निकल जानी चाहिए। विधेयक पास हो जाते हैं और हंगामा होता रहता है। आप इसके लिए कुछ स्ट्रेटजी ले आए हैं कि विपक्ष भी उसमें रहे?
डॉ. प्रेम कुमार: बिल्कुल। बिहार विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली में यह सारी बातें स्पष्ट हैं। हर सदस्य को बराबर का अधिकार है। चाहे शून्य काल हो, प्रशनकाल हो, ध्यानाकर्षण हो, निवेदन हो, याचिका हो, गैर-सरकारी संकल्प हों या डिबेट इन सभी में सदस्यों को दलीय आधार और संख्या के अनुसार अवसर दिया जाता है। कुल मिलाकर सबको भाग लेने का पर्याप्त मौका मिलता है।
सवाल: आप मंत्री थे तो बहुत सारा काम ऐसे भी कर सकते थे। अब जो विधानसभा अध्यक्ष के रूप में आपके पास गया जी को लेके क्या योजना है?
डॉ. प्रेम कुमार: गया जी की बुनियादी समस्याएं जो थीं, वह लगभग हल हो चुकी हैं। पीने का पानी पहले बहुत दिक्कत था, अब गंगा का पानी जा रहा है। लाखों लोगों को पानी मिल रहा है। बिजली 24 घंटे उपलब्ध हो गई है। गया जी सहित पूरा बिहार अब जनरेटर और इन्वर्टर से मुक्त हो गया है। पहले 6 घंटे बिजली जाती थी। हेल्थ सेक्टर में हमने काम किया है। 200 करोड़ की लागत से बना बड़ा अस्पताल पूरे मगध के लोगों के लिए लाभकारी है। शिक्षा क्षेत्र में IIT, केंद्रीय विश्वविद्यालय, अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, पॉलिटेक्निक और ITI उपलब्ध हैं। आधारभूत संरचना बेहतर हुई है। पहले पटना आने में 5 घंटे लगते थे, अब डेढ़ घंटे में यात्रा हो रही है। गया जी में जाम और अतिक्रमण की समस्याओं के लिए भी हमने कदम उठाए हैं। फुटपाथ पर दुकान चलाने वालों और अतिक्रमण को लेकर जिला पदाधिकारी की बैठक करवाई और अव्यवस्था को सुधारा। अवैध वसूली रोक दी गई और बस स्टैंड व्यवस्थित किए गए।
सवाल: वेंडिंग जोन का मामला भी है, निगम को वेंडिंग जोन बनाना है?
डॉ. प्रेम कुमार: देखिए संविधान व्यवस्था के तहत देश का ढांचा है, विधायी, कार्यपालिका और न्यायपालिका। चुनकर लोग जाते हैं। चार स्तरीय व्यवस्था है, केंद्र, राज्य, जिला (पंचायत) और नगर (निगम)। नगर निगम की जिम्मेदारी सफाई की है, पीने का पानी का है, सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित रखना है, स्ट्रीट लाइट सुविधा दिलाना है, और पार्किंग करना है। सरकार सहायता देती है, लेकिन निगम को आगे बढ़ना चाहिए। उनकी जिम्मेदारी है वेंडिंग जोन बनाने की।
सवाल: पिछले बार भी उस पर अटक गए थे। बहुत लोग जानकारी नहीं रखते…
डॉ. प्रेम कुमार: निगम और राज्य सरकार की जिम्मेदारियां अलग हैं। पुलिस, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। रेलवे और रक्षा केंद्र सरकार के पास हैं। नगर निगम का काम सफाई और सार्वजनिक सुविधाएं देना है। चुने हुए मेयर और पार्षद अपनी जिम्मेदारी पूरी करें।
सवाल: बिहार में अतिक्रमण को लेकर ड्राइव चल रहा है। गरीब तबका कहता है कि ठंड का समय है… वेंडिंग जोन नहीं बनेगा तो सरकार इसे कैसे देखेगी?
डॉ. प्रेम कुमार: न्यायपालिका देखती है कि कहीं न्याय नहीं हो रहा। कार्यक्षेत्र बंटा हुआ है। पंचायत और जिला परिषद अपनी योजनाओं का संचालन करें।
सवाल: फिर अतिक्रमण हटेगा कैसे?
डॉ. प्रेम कुमार: हट रहा है। प्राथमिकता है कि जनता को दिक्कत न हो।
सवाल: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से कहा था कि अतिक्रमण हटाना सुनिश्चित करें।
डॉ. प्रेम कुमार: अभी सरकार पीएम आवास योजना के माध्यम से लाखों आवास बनाने का काम कर रही है। जिन लोगों के पास जमीन नहीं है, उन्हें सरकार जमीन खरीदने के लिए पैसा दे रही है (दो डिसमिल जमीन मिलेगी) और मकान बनाने के लिए ₹1.20 लाख प्रदान किए जा रहे हैं। आज लाखों लोग किराए के मकान में रह रहे हैं, जबकि जिनके पास जमीन है, वे बैंक से लोन लेकर मकान बना रहे हैं। सरकार उन्हें भी आर्थिक सहायता दे रही है। सड़क पर अवैध दुकानें लगाने की स्थिति में समस्याएं आती हैं। उदाहरण के तौर पर, गया जी शहर में हम कंडी में 150 एकड़ का पार्क बना रहे हैं। वहां 40-45 लोग वर्षों से सरकारी जमीन पर रह रहे थे। उनके लिए हम दो डिसमिल जमीन का रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं और बाद में उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करके मकान प्रदान किए जाएंगे।
सवाल: तेजस्वी यादव दो दिन नहीं आए और अनंत सिंह विधायक बने नहीं आए, रीतलाल यादव भी नहीं आ सके। बाहुबलियों को लेकर विधानसभा में कुछ योजना है?
डॉ. प्रेम कुमार: वह जमाना चला गया। लालू के राज में ऐसा था। अब कानून का राज है। अनंत सिंह पर पुलिस कार्रवाई हुई और वह जेल गए। बिहार में कानून का राज है। लालू प्रसाद यादव को जनता ने चुनाव में आउट किया। उन्हें सजा हो चुकी है और अब चुनाव नहीं लड़ सकते। रीतलाल यादव पर कई केस हैं। सजाफ्ता होने के बाद वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। चुनाव लड़ने के बाद भी यदि कानून का उल्लंघन होता है, तो सदस्यता समाप्त हो जाती है।