बाढ़ पीड़ितों का रेस्क्यू करते लोग
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रोहतास जिले में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और सोन नदी के ऊपरी कैचमेंट क्षेत्रों से आ रहे भारी पानी की आवक ने रोहतास प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। बीते बुधवार को लगभग 30 से अधिक घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया, जिसके कारण लोग अपने घरों में पूरी रात कैद रहे। गुरुवार को नाव के सहारे सभी लोगों का रेस्क्यू किया गया, जबकि कई लोग अब भी अपने घरों में हैं और नाव के सहारे खाने-पीने एवं अन्य जरूरी वस्तुएं ढोकर पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं।
इंद्रपुरी बैराज पर बढ़ा पानी का दबाव
दरअसल, रिहंद जलाशय, वाणसागर जलाशय और मुहम्मदगंज भीम बैराज से पानी की आवक ने इंद्रपुरी बैराज पर जलदबाव बढ़ा दिया है। इसके अलावा सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों एवं पहाड़ी झरनों से आ रहे पानी का असर भी इंद्रपुरी बैराज पर दिखाई दे रहा है। हालांकि, स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मंगलवार से ही इंद्रपुरी बैराज के सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं। बैराज से सोन नदी के निचले हिस्से में 5,16,520 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
सासाराम में नदी-नाले लबालब, जल निकासी बाधित
इधर, जिला मुख्यालय सासाराम के आसपास बहने वाली नदियां, नहरें एवं नाले भी लबालब भरे हैं, जिससे शहर की जल निकासी भी अवरुद्ध हो चुकी है। शहर के अधिकांश हिस्सों में भारी जलजमाव है और सरकारी दफ्तरों से लेकर कई मोहल्ले डूबे हुए हैं।
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सदर अस्पताल समेत कई इलाकों में पानी
सदर अस्पताल समेत अधिकांश सरकारी कार्यालय एवं रिहायशी इलाकों में एक से दो फीट पानी भरा है। हालांकि, नगर निगम द्वारा जल निकासी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पानी घटने की बजाय कई इलाकों में बढ़ता दिख रहा है। स्थिति को देखते हुए लोगों की परेशानी बढ़ गई है और जल निकासी को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती बनी हुई है।