पटना जिले के नौबतपुर थाना क्षेत्र के शंभूकुंरा गांव निवासी चार लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी बाप–बेटा गिरोह के मनोज सिंह और मानिक सिंह को एसटीएफ की विशेष टीम ने बेंगलुरु से मंगलवार को गिरफ्तार किया। बुधवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के दौरान नौबतपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार और दानापुर थाना प्रभारी प्रशांत भारद्वाज भी मौजूद नजर आए।
कोर्ट में पेशी के दौरान मनोज सिंह और मानिक सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि 'अमर उजाला' इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। इससे पहले मंगलवार की रात मनोज सिंह की पत्नी उषा देवी ने भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसमें उन्होंने आशंका जताई थी कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के तहत उनके पति और बेटे का एनकाउंटर कर सकती है।
यह गैंग इलाके में दहशत फैलाए हुए था
आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे
इन दोनों के खिलाफ पटना जिले के नौबतपुर, बिहटा, दुल्हिन बाजार, विक्रम, पालीगंज और दानापुर थानों के अलावा झारखंड के रांची, धनबाद और जमशेदपुर में भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। लगातार हो रही हत्याओं और रंगदारी की घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों में इनका खौफ बना हुआ था। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे।
ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी
गिरफ्तारी से ठीक पहले मनोज सिंह ने भी एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसमें उसने पुलिस एनकाउंटर की आशंका जताई थी। वायरल वीडियो में दावा किया गया कि बेंगलुरु में एक अस्पताल के पीछे स्थित तीसरी मंजिल की इमारत में पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी की थी। वीडियो में यह भी कहा गया कि उस समय उनके साथ उनकी पत्नी और बेटी मौजूद थीं।
मामले की पुष्टि करते हुए पटना के आईपीएस अधिकारी पूर्वी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मनोज सिंह और मानिक सिंह को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों के पास अत्याधुनिक हथियार होने की भी आशंका है, जिन्हें बरामद करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। फिलहाल ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी कर दोनों आरोपियों को बिहार लाया जा रहा है।