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Bihar: PMCH के डॉक्टर अजय को शराब मामले में जमानत, जले हुए नोट और OMR शीट केस में जांच जारी; EOU भी हरकत में

Wed, 29 Jan 2025 04:50 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna News: पीएमसीएच के डॉक्टर अजय कुमार सिंह को शराब मामले में राहत मिल गई है, लेकिन जले हुए नोट, एडमिट कार्ड और ओएमआर शीट वाले मामले में सीबीआई की जांच जारी है। वहीं, आर्थिक अपराध शाखा ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पीएमसीएच के डॉक्टर अजय कुमार सिंह को मिली जमानत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य की राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है। पटना सिविल कोर्ट ने पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) के डॉक्टर अजय कुमार सिंह को शराब बरामदगी के मामले में जमानत दे दी है। हालांकि, जले हुए नोट, ओएमआर शीट और छात्रों के एडमिट कार्ड मिलने के मामले में जांच अभी जारी है। कोर्ट ने इस केस में पांच फरवरी तक गिरफ्तारी पर रोक (स्टे) लगा दिया है।

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जले हुए नोट और OMR शीट केस - फोटो : अमर उजाला
सात जनवरी को पीएमसीएच हॉस्टल में लगी थी आग
जानकारी के मुताबिक, यह मामला सात जनवरी को उस वक्त चर्चा में आया था, जब पीएमसीएच के चाणक्य हॉस्टल के कमरे नंबर LR-42 में आग लग गई थी। इस घटना के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां पहुंची और आग पर काबू पा लिया गया। अग्निकांड के अगले दिन जब पुलिस ने जांच की, तो डॉक्टर अजय के कमरे से आधी शराब की बोतल, 10-12 लाख रुपये के जले हुए नोट, आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी की जली और अधजली ओएमआर शीट, कई छात्रों के एडमिट कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।
 

जले हुए नोट और OMR शीट केस - फोटो : अमर उजाला
गिरफ्तारी और सीबीआई जांच में आई थी तेजी
घटना के बाद से ही डॉक्टर अजय फरार था। इस मामले में सीबीआई (CBI) की टीम ने भी टीओपी प्रभारी से डॉक्टर अजय से जुड़ी जानकारी मांगी थी। एजेंसी ने निर्देश दिया था कि किसी भी सूचना को सीबीआई के साथ साझा किया जाए। 23 जनवरी को गुप्त सूचना के आधार पर पीएमसीएच के हथुआ वार्ड से टीओपी प्रभारी शुभम कुमार ने डॉक्टर अजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
 

जले हुए नोट और OMR शीट केस - फोटो : अमर उजाला
क्या थे डॉक्टर अजय पर लगे आरोप?
डॉक्टर अजय के खिलाफ पीरबहोर थाना में दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे। पहला मामला शराब बरामदगी से जुड़ा था, जिसमें उसे अब जमानत मिल गई है। दूसरा मामला जले हुए नोट, छात्रों के एडमिट कार्ड और आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी की जली हुई ओएमआर शीट बरामद होने से जुड़ा था। इस केस में कोर्ट ने पांच फरवरी तक उसकी गिरफ्तारी पर रोक (स्टे) लगा दिया है।
 
हॉस्टल के कई कमरों पर था अवैध कब्जा
डॉक्टर अजय समस्तीपुर जिले का निवासी है और 2022 में प्लास्टिक सर्जरी से पीजी (पोस्ट ग्रेजुएशन) पास कर चुका है। बावजूद इसके, उसने पीएमसीएच हॉस्टल के कई कमरों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। इनमें LR-42, LR-8 और छठी मंजिल का कमरा नंबर 625 शामिल था। इसके अलावा, उसने एक और ग्राउंड फ्लोर का कमरा कब्जा कर रखा था, जो किसी अन्य डॉक्टर के नाम पर आवंटित था।
 
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जले हुए नोट और OMR शीट केस - फोटो : अमर उजाला
ईओयू ने भी शुरू की जांच
इस मामले में अब ईओयू (आर्थिक अपराध इकाई) भी सक्रिय हो गई है। 28 जनवरी को ईओयू के एक अधिकारी ने टीओपी प्रभारी से फोन पर कई जानकारियां लीं। कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही ईओयू इस मामले को अपने हाथों में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर सकती है।
 
डॉक्टर अजय पर मेडिकल परीक्षा घोटाले का भी शक
जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर अजय मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली करवा रहा था। आरोप है कि वह मोटी रकम लेकर एमबीबीएस और नीट-यूजी (NEET-UG) की परीक्षाओं में स्कॉलर्स को बैठाता था। इसके अलावा, एमबीबीएस के इंटरनल एग्जाम में भी पास-आउट छात्रों को बिठाकर मेडिकल स्टूडेंट्स को पास करवाने में मदद करता था।
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