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Bihar: स्वास्थ्य मंत्री ने किया निःशुल्क ग्रामीण कैंसर जांच अभियान का शुभारंभ, क्या सुविधाएं और लाभ मिलेगा?

Sat, 08 Mar 2025 05:49 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna News: स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि बिहार में कैंसर के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की जरूरत है, खासकर ग्रामीण और सुदूर इलाकों में। उन्होंने बताया कि अगर कैंसर की पहली या दूसरी अवस्था में ही जांच कर ली जाए तो इसका इलाज संभव है।
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स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने राज्य के 45,000 गांवों के 8,387 पंचायतों में निःशुल्क ग्रामीण कैंसर जांच कार्यक्रम की शुरुआत की। यह कार्यक्रम डॉ. प्रभात रंजन डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कैंसर की जल्द पहचान कर समय रहते इलाज सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर मंत्री ने बिहार के पहले स्लीप इंस्टीट्यूट और कैंसर स्क्रीनिंग के लिए समर्पित नए मोबाइल एप का भी लोकार्पण किया। इसके साथ ही ऑन को-मीट 2025 का उद्घाटन भी किया गया।
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ग्रामीण इलाकों पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार में कैंसर के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की जरूरत है, खासकर ग्रामीण और सुदूर इलाकों में। उन्होंने बताया कि अगर कैंसर की पहली या दूसरी अवस्था में ही जांच कर ली जाए तो इसका इलाज संभव है। इस दिशा में डॉ. प्रभात रंजन डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर ने यह पहल निःशुल्क करने का निर्णय लिया है, जिससे गरीब और वंचित वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
 
महिलाओं के लिए टीकाकरण अभियान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए महिलाओं को टीके लगाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निरंतर टीकाकरण और जागरूकता अभियान चला रही है ताकि इस बीमारी की रोकथाम की जा सके। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है और आज बिहार में कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज संभव हो रहा है।
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स्लीप इंस्टीट्यूट का उद्घाटन करते स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे तथा अन्य - फोटो : अमर उजाला
बिहार में कैंसर अस्पतालों का विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एक समय था जब बिहार में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज कराना बेहद मुश्किल था और मरीजों को राज्य से बाहर जाना पड़ता था। लेकिन अब सरकार की योजनाओं के कारण यह सुविधा राज्य में ही उपलब्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर में 425 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कैंसर अस्पताल बन रहा है, जो जल्द ही शुरू होगा। वहीं, पटना का महावीर कैंसर अस्पताल भी सरकार के सहयोग से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो चुका है। बिहार के विभिन्न अस्पतालों में कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम और इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई है।
 
डिजिटल हेल्थ मिशन से बिहार को फायदा
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। 2014 के बाद से पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है और बिहार भी इससे अछूता नहीं है। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से कैंसर स्क्रीनिंग और इलाज को और सुलभ बनाया जा रहा है।
 
कैसे चलेगा यह निःशुल्क ग्रामीण कैंसर जांच अभियान?
डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि यह अभियान अगले तीन वर्षों में बिहार के सभी 38 जिलों के 45,000 गांवों में चलाया जाएगा। इस योजना के तहत, गांवों के मुखिया और पंचायत समिति के सदस्य लोगों से संपर्क करेंगे और कैंसर स्क्रीनिंग के लिए बनाए गए विशेष एप को उनके मोबाइल में डाउनलोड करवाएंगे। अब तक इस एप के ट्रायल में 12 गांवों के 14,000 लोगों की जांच की गई है, जिसमें 32 लोगों में कैंसर की पहली अवस्था और पांच लोगों में दूसरी अवस्था की पुष्टि हुई है। इससे यह साबित होता है कि समय पर जांच से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
 
इस कार्यक्रम के दौरान पटना की मेयर सीता साहू, पद्मश्री डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. सहजानंद, डॉ. दीवाकर तेजस्वी, डॉ. रूपम, भाप्रस अधिकारी गंगा कुमार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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