वायु प्रदूषण (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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बिहार की राजधानी पटना में वायु की स्थिति पहले से और खराब हो गई है। करीब दो हफ्ते पहले पटना का सूचकांक 158 यानी मॉडरेट था लेकिन बुधवार को यह सूचकांक बढ़कर 286 हो गया। इसके बाद पटना देश में सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में तीसरे नंबर पर आ गया। वहीं राज्य का पहला ऐसा शहर बन गया, जहां सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण है।
बता दें कि पहले स्थान गुजरात का वातवा शहर हैं, जहां वायु प्रदूषण का सूचकांक 321 है और दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है, जिसका सूचकांक 297 है। वहीं दिल्ली का वायु प्रदूषण सूचकांक 171 है। दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में पहले से काफी सुधार आया है। दिल्ली में वायु प्रदूषण का सूचकाकं 177 है, वहां गाजियाबाद का 212 है।
लेकिन इसके उल्ट पटना की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई है। वहीं दानापुर और ईको पार्क एरिया की हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है। शहर की हवा में धूलकण की मात्र मानक से चार से पांच गुना ज्यादा है। बिहार में गया और मुजफ्फरपुर से भी ज्यादा प्रदूषित शहर पटना बन गया है।
इन शहरों में वायु प्रदूषण इतना इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि यहां सड़कों की सफाई और धुलाई को लेकर नगर निगम उतना सक्रिय नहीं है, जितना होना चाहिए। खुले में भवन और पुल निर्माण की वजह से धूलकणों की मात्रा बढ़ रही है, वहीं निर्माणाधीन जगहों पर पर्यावरणीय नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की ओर से बिहार के 24 शहरों में ऑटोमैटिक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने का काम शुरू कर दिया है। अब वैज्ञानिक तरीके वायु प्रदूषण का आकलन किया जाएगा। पटना में फिलहाल छह जगहों इन स्टेशनों को लगाया गया है।
इसके अलावा नगर निगम की ओर से निगम क्षेत्र में अपने स्तर से दस ऑटोमैटिक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने की योजना बनाई गई थी लेकिन इस योजना पर अभी तक काम नहीं शुरू हो पाया है।