इस महत्वपूर्ण सूचना का महत्व खबर में समझिए।
- फोटो : amar ujala digital
नीतीश कुमार, प्रेम कुमार... ऐसे नाम से 8 आवेदन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आवेदन किया हो, यह शायद संभव नहीं। उन्हें इसकी जरूरत नहीं होगी। लेकिन, कुल आठ लोगों के नाम से आवेदन होने की जानकारी 'अमर उजाला' के पास है। यह आवेदन 19 फरवरी को हुए, जिस दिन ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तारीख थी। यह आवेदन राजीव रंजन झा, नीतीश कुमार, प्रेम कुमार, अनिल कुमार रमण, विक्रम कुमार, आदित्य राज, तान्या रॉय, इंद्रजीत कुमार के नाम से दर्ज हुए। 18 फरवरी को भी आवेदन हुए और 19 फरवरी को भी। संभव है कि इन आवेदकों को इस योजना की जानकारी हो, लेकिन बंद होने की नहीं। हालांकि दूसरी आशंका भी है कि साजिश के तहत यह आवेदन कराए गए हों। वैसे, अगर पहली वाली बात ही मान लें तो इन आवेदनों से आई राशि का क्या होगा, यह कोई नहीं बता सकेगा फिलहाल। क्योंकि, आवास बोर्ड ही कहेगा कि आवेदन बंद होने की सूचना के बाद ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरना चाहिए था। ऐसी दलीलें (इसे दूसरी खबर में सामने लाएंगे) पहले भी सामने आती रही हैं।
पढ़ें: टीम इंडिया बनी चैंपियन: न्यूजीलैंड पर जीत के बाद मुजफ्फरपुर में जश्न, मुस्लिम समुदाय ने कहा- दुआ हुई कुबूल
बिहार राज्य आवास बोर्ड की मूल वेबसाइट से अलग यह पोर्टल साइट चालू-बंद है।
- फोटो : amar ujala digital
क्या थी योजना और कब-क्या कैसे हुआ इसमें
इस योजना को शुरुआत से ही 'तिलस्मी' रखा गया। औपचारिकता के लिए किसी अखबार में कहीं पर इसे प्रकाशित कर दिया गया, जबकि आमजन को प्रोत्साहित करने के लिए इसका खूब प्रचार होना चाहिए था। यह ऐसी स्कीम थी, जिसके बारे में किसी को पता चला भी तो इसकी वेबसाइट के 'तिलस्म' में ज्यादा जानकारी नहीं मिल रही थी। ऐसी थोड़ी-बहुत जानकारी लेकर 'अमर उजाला' से संपर्क में कुछ लोग आए। इसके बाद आम आदमी के मन के हर सवाल का जवाब तलाशने के लिए हमने सात दिनों तक ऑफलाइन-ऑनलाइन पड़ताल की। इसके बाद 9 फरवरी को राज्य आवास बोर्ड के कार्यालय में दस्तक दी। सचिव राहुल बर्मन से मिलकर एक घंटे तमाम मुद्दों पर बात की, साक्ष्य दिखाए, तकनीकी खामियां बताईं और पूरे खेल की आशंका भी जाहिर की। एक घंटे से ज्यादा देर की इस बातचीत में आश्वासन मिला कि दो-तीन दिनों में सब ठीक कर लिया जाएगा। नहीं होगा तो तारीख बढ़ाई जाएगी। लेकिन, न सब ठीक हुआ और न तारीख बढ़ी। फिर, 18 फरवरी को आदेश आया कि योजना को स्थगित कर दिया गया है।
बंद बताई जा रही वेबसाइट के इस पेज पर दिख रहा कि आवेदन कैसे करें, क्या शर्तें हैं।
- फोटो : amar ujala digital
स्थगन की जानकारी से भी योजना को समझना आसान नहीं
स्कीम के तहत प्लॉट के लिए आवेदन होना था- सहज शब्दों में यही बात है। लेकिन, न तो इस योजना के बारे में ठीक से प्रचार किया गया था और न लोगों को समझ में आने लायक जानकारी दी गई थी। हद तो यह कि जब बिहार राज्य आवास बोर्ड ने अपनी ही एक वेबसाइट पर इसके स्थगन की सूचना दी तो उसकी भाषा में आम आदमी की समझ से बाहर थी। लिखा था- "बिहार राज्य आवास बोर्ड अधीनस्थ पटना प्रमंडल-1 के अंतर्गत कंकड़बाग कॉलोनी एवं पटना प्रमंडल-2 के अंतर्गत बहादुरपुर स्थित विभिन्न आय वर्गीय भूखंडों/संपदाओं के आवंटन हेतु बिहार राज्य आवास बोर्ड (आवासीय भू संपदा का प्रबंधन एवं विस्तार) नियमावली 1983 एवं बोर्ड के अधिसूचना के ज्ञापांक 6829, दिनांक 25.11.2016 द्वारा प्रतिपादित प्रावधानों के अनुसार 'जैसा है जहां है' के आधार पर पर PR No. 018151 (B &C) 2025-26 दिनांक 25.11.2025 द्वारा आवेदन आमंत्रण हेतु सूचना प्रकाशित की गई थी।" इसके स्थगन का आधार 'अमर उजाला' की ओर से बोर्ड कार्यालय में दिखाए गए प्रमाण ही थे, हालांकि इसका जिक्र इस 'महत्वपूर्ण सूचना' में नहीं था। लिखा गया- "सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी विसंगतियों के कारण आवेदन आमंत्रण को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाता है। जिन आवेदकों द्वारा सफलतापूर्वक आवेदन समर्पित किया गया है, उनका आवेदन मान्य रहेगा। तकनीकी विसंगतियों / त्रुटियों को दूर करने के पश्चात पुनः पंजीकरण आवेदन शुल्क जमा करने एवं अन्य प्रक्रिया पूर्ण करने की तिथि की जानकारी विज्ञापन के माध्यम से शीघ्र दी जाएगी। उक्त सूचना वेब पोर्टल bshb.bihar.gov.in पर भी देखी जा सकती है।"
बिहार राज्य आवास बोर्ड की असल पोर्टल साइट अभी नहीं खुल रही। जबकि, बंद वाली खुल रही है।
- फोटो : amar ujala digital
दूसरा पोर्टल बंद बताकर चालू, असल वाला तो ठप
स्थगन सूचना जिस पोर्टल वेबसाइट bshb.bihar.gov.in पर जारी की गई, वही मूलत: राज्य सरकार के विभिन्न पोर्टल-साइट्स पर बिहार राज्य आवास बोर्ड की पहचान है। स्थगन सूचना में भी उसी bshb.bihar.gov.in का जिक्र किया गया। गूगल पर bihar state housing board official website सर्च करेंगे तो भी सिर्फ इसी वेबसाइट की जानकारी आएगी। और फिलहाल तो आप इस वेबसाइट bshb.bihar.gov.in पर विजिट भी नहीं कर सकते, क्योंकि ERR_CERT_DATE_INVALID के साथ यह बंद है। जैसे ही खोलने का प्रयास करेंगे, "Attackers might be trying to steal your information from bshb.bihar.gov.in (for example, passwords, messages, or credit cards)" लिखा आएगा। दूसरी तरफ, जिस वेबसाइट (पोर्टल)- erpbshb.bihar.gov.in से बिहार राज्य आवास बोर्ड ने स्थगन सूचना के बाद भी आवेदन लिया गया, वह अब भी 'तिलस्मी' अंदाज में चालू और बंद दोनो है। जब आप इसपर विजिट करेंगे तो ऊपर मैसेज आएगा- "हमारी वेबसाइट वर्तमान में रखरखाव के लिए बंद है। हुई असुविधा के लिए हमें खेद है और आपके धैर्य के लिए धन्यवाद।" लेकिन, अगर होम पेज पर दौड़ती इस पट्टी-सूचना पर आपका ध्यान नहीं गया तो मेन्यू- APPLICANT REGISTRATION पर क्लिक करने पर आवेदन की अगली प्रक्रिया शुरू दिख जाएगी।
बंद बताई जा रही वेबसाइट पर आवेदन पंजीकरण के पेज तक खुले। आगे अपनी जानकारी भरें तो पता चलेगा।
- फोटो : amar ujala digital
इसमें आवेदन कैसे करें, यह बताया जा रहा है। निबंधन के लिए 200 रुपए और ऑनलाइन आवेदन की प्रारंभिक जमा राशि 2000 रुपए के लिए जानकारी मिलेगी। जब आप इसे पढ़ने के बाद टिक मार्क करेंगे, तो ऑनलाइन आवेदन के लिए 'आवेदक पंजीकरण प्रपत्र' का पेज भी खुल जाएगा। इसमें आवेदक से यह घोषणा कराई जाती है- "उपर्युक्त प्रदान की गई सभी जानकारी मेरी जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य एवं सही है। यदि इसमें कोई परिवर्तन होता है, तो मैं आपको तुरंत सूचित करने का वचन देता/देती हूँ। उपर्युक्त किसी भी जानकारी के असत्य, गलत, भ्रामक या भिन्न रूप से प्रस्तुत पाए जाने की स्थिति में, मैं यह जानता/जानती हूँ कि इसके लिए मुझे उत्तरदायी ठहराया जा सकता है।" इसलिए, प्रमाण के लिए आगे बढ़ने में उत्तरदायी ठहरा कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की आशंका भी है।
मतलब: बिहार राज्य आवास बोर्ड की पहचान रही पोर्टल साइट खुलेगी नहीं और जिसके जरिए आवेदन लिया जा रहा है, वह बंद बताकर भी आवेदन प्रक्रिया में आपको उलझाएगी। यही तिलस्म है।
(पड़ताल जारी है...)