Bihar: इस संबंध में विभाग के डीएसपी चंद्र भूषण प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि मोतिहारी पूर्वी चंपारण के गोरे गांव निवासी नवीन कुमार के द्वारा शिकायत किया गया था। जिसमें बताया गया कि बीडीओ के द्वारा जन्म प्रमाणपत्र बनाने के लिए बीस हजार रिश्वत मांगी जा रही है।
भोजपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पेशल विजलेंस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जहां जन्म प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर घूस लेते हुए पंचायत सचिव को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार पंचायत सचिव की पहचान जितेंद्र प्रसाद के रूप में हुई है। जिसे आरा सदर ब्लॉक से गिरफ्तार किया गया है। पंचायत सचिव पिरौटा और दौलतपुर दोनों पंचायत के प्रभार में था। विजलेंस ने 10 हजार रुपये घूस लेते समय दबोचा है।
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मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित आवेदक से जन्म प्रमाणपत्र निर्गत करने के बदले पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद ने 10 हजार रुपये की मांग की थी। रिश्वत की मांग से परेशान होकर पीड़ित ने विजलेंस विभाग से शिकायत की। शिकायत की सत्यता की जांच के बाद विजलेंस की टीम ने जाल बिछाया और तय योजना के तहत पंचायत सचिव को घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद पंचायत कार्यालय में हड़कंप मच गया। स्पेशल विजलेंस की टीम आरोपी पंचायत सचिव को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ कर रही है।
इस संबंध में विभाग के डीएसपी चंद्र भूषण प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि मोतिहारी पूर्वी चंपारण के गोरे गांव निवासी नवीन कुमार के द्वारा शिकायत किया गया था। जिसमें बताया गया कि बीडीओ के द्वारा जन्म प्रमाणपत्र बनाने के लिए बीस हजार रिश्वत मांगी जा रही है, जिसकी शिकायत पर कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार पंचायत सचिव के द्वारा पैसा लिया गया है, जिसने स्वीकारा है कि बीडीओ का भी इसमें हिस्सा है। वहीं गिरफ्तार पंचायत सचिव जितेंद्र मूलरूप से शेखपुरा के कुसुम्हा गांव का रहने वाला है।