दिव्यांग से बात करते सहायक निदेशक आफताब करीम
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रोहतास जिले के सासाराम में गुरुवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने सरकारी तंत्र को लेकर बनी आम धारणा को सकारात्मक रूप से चुनौती दी। सड़क पर लाचारी में रेंगते एक दिव्यांग को देखकर एक अधिकारी का दिल पसीज गया और उन्होंने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी
दोपहर के समय रमेश कुमार नामक एक दिव्यांग व्यक्ति सासाराम की सड़क पर रेंगते हुए आगे बढ़ रहा था। मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी जिला दिव्यांग सशक्तिकरण कोषांग के सहायक निदेशक आफताब करीम तक पहुंची। सूचना मिलते ही वे बिना देर किए मौके पर पहुंचे और रमेश की स्थिति देखकर भावुक हो गए।
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सरकारी गाड़ी में बैठाकर पहुंचे अस्पताल
सहायक निदेशक आफताब करीम ने रमेश को ससम्मान अपनी सरकारी गाड़ी की अगली सीट पर बैठाया और सीधे सदर अस्पताल ले गए। वहां उन्होंने रमेश की चिकित्सकीय जांच करवाई और तत्परता दिखाते हुए उसी समय उसका दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनवाया।
सहायता का भरोसा और योजनाओं का लाभ
अधिकारी ने रमेश को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर उसे ट्राई साइकिल समेत अन्य जरूरी सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश रहती है कि कोई भी जरूरतमंद सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे, हालांकि कुछ मामलों में जानकारी के अभाव में लोग पीछे छूट जाते हैं। इस पहल के दौरान सहायक निदेशक ने दिव्यांग के बारे में सूचना देने के लिए मीडिया का आभार जताया।