Bhojpur News: दीपक पांडे पर वर्ष 2020 में फतेहपुर बाजार में जोगेंद्र सिंह की हत्या का आरोप है। इसके अलावा नवादा थाना क्षेत्र के जगदेव नगर में मिथुन सिंह हत्याकांड और चांदी थाना क्षेत्र के बालू घाट पर हुए हर्षित सिंह हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। पुलिस कई महीनों से उसकी तलाश कर रही थी।
भोजपुर जिले के कुख्यात दो लाख रुपये के इनामी अपराधी दीपक पांडे ने आखिरकार आत्मसमर्पण कर दिया है। तरारी थाना क्षेत्र के भाकुरा गांव निवासी स्वर्गीय रवींद्रनाथ पांडे के पुत्र दीपक पांडे ने पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच रोहतास जिले के डिहरी अनुमंडल न्यायालय में सरेंडर किया। लंबे समय से फरार चल रहे दीपक पांडे पर भोजपुर समेत आसपास के जिलों में कई संगीन आपराधिक मामलों में संलिप्तता का आरोप है।
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कुख्यात दीपक पांडे की कहानी गांव के एक सामान्य युवक से अपराध की दुनिया तक पहुंचने की मानी जा रही है। बताया जाता है कि वह पढ़ाई-लिखाई कर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था, लेकिन परिवार पर हुए हमलों ने उसकी जिंदगी की दिशा बदल दी। वर्ष 2016 में उसके भाई राजेश पांडे उर्फ बड़कून की हत्या कर दी गई थी, जबकि 7 जून 2018 को दूसरे भाई नागेश पांडे उर्फ छोटकुन की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों हत्याओं के बाद दीपक ने बदला लेने के इरादे से हथियार उठा लिया और क्राइम की दुनिया में कदम रख दिया।
जोगेंद्र सिंह की हत्या का आरोप
कुख्यात दीपक पांडे पर वर्ष 2020 में फतेहपुर बाजार में जोगेंद्र सिंह की हत्या का आरोप है। इसके अलावा नवादा थाना क्षेत्र के जगदेव नगर में मिथुन सिंह हत्याकांड और चांदी थाना क्षेत्र के बालू घाट पर हुए हर्षित सिंह हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया। इन मामलों को लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से उस पर इनाम घोषित किया गया था, जबकि एक मामले में 5 लाख रुपये इनाम का प्रस्ताव भी भेजा गया था। आत्मसमर्पण के बाद दीपक पांडे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उसने खुद को साजिश के तहत फंसाए जाने का आरोप लगाया है और भोजपुर पुलिस अधीक्षक की पहल पर सरेंडर करने की बात कही है। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है। वहीं एसपी मिस्टर राज ने कहा कि जल्द ही दीपक पांडे को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।