राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पटना पहुंचे नितिन नवीन का भव्य स्वागत किया गया। पटना के बापू सभागार में उनके सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार की जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, वह उस पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगे। नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के नेतृत्व में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री के वक्तव्यों को सुनकर यह स्पष्ट होता है कि देश के शीर्ष नेतृत्व की सोच कितनी दूरदर्शी और ऊंची है।
योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी
नितिन नवीन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी अपना इतिहास भूल जाती है, उसका भविष्य कभी मजबूत नहीं हो सकता। इसलिए अपने इतिहास को याद रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने से पहले सामाजिक सरोकारों से जुड़ना आवश्यक है, क्योंकि समाज ही इसकी पहली कड़ी है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। यही मजबूत भविष्य की नींव रखता है।
राजनीति में शॉर्टकट का कोई रास्ता नहीं
उन्होंने कहा कि वे आज भी अपने कार्यकर्ताओं से यही कहते हैं कि राजनीति में शॉर्टकट का कोई रास्ता नहीं होता। यदि राजनीति में आए हैं, तो पूरे समर्पण और सेवा भाव के साथ काम करना होगा। विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियां ऐसी होती हैं जो स्वयं से शुरू होकर स्वयं पर ही खत्म हो जाती हैं, जबकि भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जहां एक सामान्य कार्यकर्ता भी प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है।
‘मन की बात’ देश को समझने का माध्यम
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश को समझने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति दिल से समाज के लिए काम करता है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से उसकी चर्चा अवश्य करते हैं।