बिहार के रोहतास जिले के सासाराम अनुमंडल अंतर्गत बिक्रमगंज प्रखंड के मठिया गांव में 14 फरवरी की रात एक तिलक समारोह से लौटने के बाद पांच लोगों की संदिग्ध मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। अलग-अलग गांवों में हुई इन मौतों ने पहले ही कई सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन अब मृतक के पिता और एक निजी चिकित्सक के दावों ने पूरे प्रकरण को और जटिल बना दिया है।
बताया गया है कि तिलक समारोह के बाद लौटे लोगों में से कुछ की तबीयत अचानक बिगड़ी और बाद में उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक स्तर पर यह चर्चा तेज हुई कि मामला कथित रूप से जहरीली शराब से जुड़ा हो सकता है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पिता का दावा: शराब सेवन से हुई मौत
मृतक लालू कुमार के पिता राम पूजन सिंह ने अपने बयान में कहा है कि कुत्ते के काटने से किसी की मौत होना संभव नहीं लगता। उनके अनुसार उनका बेटा अक्सर शराब का सेवन करता था और तिलक समारोह के दिन भी उसने शराब पी होगी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुत्ते के काटने की बात सामने आई थी।
पिता के इस बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि मौत का वास्तविक कारण क्या था। एक ओर कुत्ते के काटने की बात कही जा रही है, तो दूसरी ओर शराब सेवन की संभावना जताई जा रही है।
चिकित्सक का बयान: कुत्ते के काटने से ऐसी स्थिति संभव नहीं
बिक्रमगंज स्थित एक निजी क्लीनिक के चिकित्सक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मठिया गांव से एक व्यक्ति को सुबह लगभग तीन बजे उनके अस्पताल लाया गया था। उन्हें बताया गया कि मरीज को कुत्ते ने काट लिया है। चिकित्सक के अनुसार, मरीज की स्थिति देखने के बाद उन्हें लगा कि कुत्ते के काटने से ऐसी हालत नहीं हो सकती। इस आधार पर मरीज को आगे के इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।
चिकित्सक ने यह भी कहा कि यदि शुरुआत में सही जानकारी दी जाती, तो संभव है कि कुछ सहायता की जा सकती थी। उनके इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और मौत के कारणों को लेकर संशय गहरा गया है।
‘जहरीली शराब का इलाज शुद्ध शराब’ टिप्पणी से बढ़ी बहस
उक्त चिकित्सक ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी लिखा कि जिस किसी ने उस समय शराब पी हो, वह चिकित्सकीय निगरानी में रहे और जांच कराए, क्योंकि ऐसी स्थिति में किडनी और लीवर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है या मृत्यु भी हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि जहरीली शराब का इलाज शुद्ध शराब है और संबंधित लोगों को उत्तर प्रदेश या झारखंड जाकर शुद्ध शराब पीने की सलाह दी।
इस टिप्पणी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उत्पाद विभाग का पक्ष
पूरे मामले में उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त तारिक महमूद ने कहा है कि परिजनों ने शराब पीने की बात को अफवाह बताया है। उनके अनुसार घटनास्थल से शराब सेवन के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जहरीले पेय पदार्थ की संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। प्रशासन का यह बयान मामले को एक अलग दिशा में ले जाता है, जिससे स्पष्ट है कि जांच अभी जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना बाकी है।
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क्या पूरा घटनाक्रम?
जानकारी के अनुसार, 14 फरवरी की रात मठिया गांव में राम पूजन सिंह के एक पुत्र का तिलक समारोह आयोजित था। समारोह के बाद रिश्तेदार और अन्य अतिथि अपने-अपने घर लौट गए। 16 फरवरी को मठिया गांव निवासी पूजन सिंह के दूसरे पुत्र लल्लू सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इसके बाद यह जानकारी भी सामने आई कि मृतक लालू कुमार के रिश्तेदार अभिजीत सिंह, गरहथा निवासी राहुल कुमार तथा दो बावर्चियों की भी मौत हो गई है। इन मौतों के बाद क्षेत्र में यह चर्चा शुरू हुई कि सभी की मौत कथित जहरीली शराब के सेवन से हुई है। हालांकि अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।