इसी बिल्डिंग में लटका मिला मजदूर का शव
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नालंदा जिले के राजगीर में सोमवार को निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड भवन में काम करने वाले एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान मोतिहारी जिला के पंचपकुड़ी थानाक्षेत्र के सीरामा ढाका निवासी धर्मेंद्र कुमार (28) के रूप में हुई है। घटना के बाद से आत्महत्या के कारणों को लेकर रहस्य बना हुआ है, जबकि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, धर्मेंद्र कुमार पिछले कुछ महीनों से राजगीर के इंटीग्रेटेड भवन में मजदूरी कर रहा था। हाल ही में उसने अपने साले को भी काम के लिए बुलाया था। मृतक के साले ने बताया कि रात को सबने खाना खाया और सोने चले गए। सुबह जब नींद खुली तो धर्मेंद्र सीढ़ी के पास गमछे से लटका हुआ पाया गया। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद राजगीर थाना अध्यक्ष रमन कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया।
पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और एफएसएल टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह की वजह से आत्महत्या की संभावना जताई जा रही है, लेकिन मामले के अन्य पहलुओं पर भी पुलिस की नजर है।
गौरतलब है कि धर्मेंद्र कुमार की मौत ऐसे समय में हुई है जब इंटीग्रेटेड भवन का उद्घाटन 25 अक्तूबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया जाना है। यह भवन देशी और विदेशी सैलानियों के लिए सभी प्रकार की सुविधाओं से लैस होगा। इसका शुभारंभ विश्व शांति स्तूप की 55वीं वर्षगांठ के अवसर पर होना है।