नालंदा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां चंडी थाना क्षेत्र के नरसंडा बाजार में संपत्ति के लोभ में बेटों ने अपनी ही जन्मदात्री की निर्मम हत्या कर दी। मृतका की पहचान स्वर्गीय रामचंद्र प्रसाद की 55 वर्षीय पत्नी जिलवी देवी के रूप में हुई है। आरोप है कि उनके बड़े बेटे चंद्रभूषण कुमार और मंझले बेटे रविशंकर ने अपने साले के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
पुलिस की लापरवाही पर भड़का आक्रोश
घटना के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की शिथिलता के कारण जिलवी देवी की जान गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए हिलसा डीएसपी-1 शैलजा समेत छह थानों की पुलिस मौके पर पहुँच गई है और लोगों को समझाने बुझाने के प्रयास में जुटी हुई है।
पहले भी मिली थी जान से मारने की धमकी
मृतका के भाई मुन्ना राम ने बताया कि जमीन के बंटवारे को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। उन्होंने कहा कि जमीन के लिए बेटे लगातार माँ को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। हम शिकायत लेकर चंडी थाना गए थे, लेकिन पुलिस ने आवेदन लेने से मना कर दिया। सुरक्षा के लिए मैं अपनी बहन को अपने साथ बदौरा (मायके) ले गया था, लेकिन वह कब तक भागती रहती? शनिवार को भी हमने आवेदन दिया था, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
छोटे बेटे ने बयां किया दर्द
मृतका के छोटे बेटे रवि राज कुमार सिंह ने बताया कि उसकी माँ ने मेहनत कर अपने नाम से कुछ जमीन खरीदी थी। बड़े भाई इसी जमीन को अपने नाम करवाने के लिए दबाव बना रहे थे। रवि ने बताया कि मम्मी अपनी मर्जी से जमीन देना चाहती थीं, लेकिन मंझला भाई रविशंकर, बड़ा भाई चंद्रभूषण और उनके साले ने मिलकर आज उनकी हत्या कर दी। हमने तीन बार थाने में गुहार लगाई थी, पर पुलिस कहती रही कि जब तक कुछ (बड़ी घटना) नहीं होगा, तब तक हम कुछ नहीं करेंगे।
ये भी पढ़ें:
स्टॉल पर भिड़ गए दो माननीय, जिला प्रशासन को करनी है पंचायत; क्या है खगड़िया का यह चर्चित मामला
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल मौके पर पुलिस जुटी हुई है और मामले को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस बीच पुलिस ने शव को जबरन अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया है।