बिहार सरकार के नवनियुक्त पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र मंगलवार को पहली बार बिहारशरीफ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत देते हुए अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सड़कों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि अब बिहार में पारंपरिक तकनीक नहीं, बल्कि गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की तर्ज पर आधुनिक तकनीक से टिकाऊ और बेहतर सड़कें बनाई जाएंगी।
बिहारशरीफ सर्किट हाउस पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद मंत्री मीडिया से बातचीत करते हुए विभाग की प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि पदभार संभालते ही विभागीय समीक्षा बैठकें शुरू कर दी गई हैं।
सड़क की मौजूदा स्थिति पेश करें
मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), आरसीडी (RCD) और पुल निर्माण निगम के अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया है, ताकि वे सड़कों की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और गति दोनों को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
पहले बिहार की सड़कें बदहाल थीं
जिले की जर्जर सड़कों और भ्रष्टाचार के सवालों पर उन्होंने कहा कि कमियों को दूर किया जाएगा, लेकिन बिहार में हुए विकास को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले बिहार की सड़कें बदहाल थीं, जबकि अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में सड़क नेटवर्क तेजी से विकसित हुआ है। उन्होंने कहा- पहले राजधानी पहुंचने में 10 घंटे लगते थे, आज लोग 4 से 5 घंटे में पहुंच रहे हैं। हमारा लक्ष्य यात्रा समय को घटाकर 3.5 घंटे करना है।
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परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी
नूरसराय आरओबी और अन्य स्थानीय सड़कों की खराब स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी परियोजनाओं की समीक्षा कर जल्द सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। अपने संबोधन में मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी और भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे।