जर्जर मकान के मलबे में दबने से मासूम बच्चे की मौत
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नालंदा जिले में शनिवार को दो अलग-अलग थानाक्षेत्रों में हुई घटनाओं में एक मासूम और एक मानसिक रूप से परेशान युवक की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद से संबंधित परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
जर्जर मकान का मलबा गिरने से मासूम की मौत
पहली घटना इस्लामपुर थानाक्षेत्र के सकरी गांव की है, जहां जर्जर मकान का छज्जा गिरने से दो बच्चे मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। लेकिन इलाज के दौरान छह वर्षीय मोहित कुमार ने दम तोड़ दिया। मोहित कक्षा एक का छात्र था। जबकि दूसरी बच्ची राधिका कुमारी अभी भी गंभीर हालत में इलाजरत है। जानकारी के मुताबिक, मोहित और राधिका घर के बाहर खेल रहे थे, जब मकान का जर्जर छज्जा अचानक गिर गया। हादसे से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
मानसिक रूप से परेशान युवक ने की आत्महत्या
दूसरी घटना नालंदा थानाक्षेत्र के खोन्दुपुर गांव में हुई। जहां मानसिक रूप से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक लंबे समय से मानसिक रोग से पीड़ित था और उसका इलाज पटना से लेकर दिल्ली तक कराया जा रहा था। हाल के दिनों में उसकी स्थिति और खराब हो गई थी। शनिवार को युवक ने अपने कमरे में रस्सी के सहारे फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
इस्लामपुर थाना अध्यक्ष संजीव कुमार और नालंदा थाना अध्यक्ष निशि कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में शवों को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस मामलों की जांच में जुटी है और परिजनों के आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन घटनाओं से संबंधित परिवारों में शोक का माहौल है। गांव वाले भी दुखी हैं और प्रशासन से जर्जर मकानों के प्रति सतर्कता बरतने की मांग कर रहे हैं। वहीं, मानसिक रोग से ग्रसित मरीजों के बेहतर इलाज और देखरेख पर भी सवाल उठ रहे हैं।