नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड के कोलावां गांव में सोमवार को एक नवजात बच्ची का जन्म दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति एनेनसेफली के साथ हुआ। सिर पूरी तरह विकसित न होने के कारण जन्म के मात्र 5 घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई।
नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड अंतर्गत कोलावां गांव में सोमवार को एक नवजात बच्ची का जन्म दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति एनेनसेफली के साथ हुआ। जन्म के महज पांच घंटे बाद ही नवजात की मौत हो गई। इस दुर्लभ विकृति को लेकर गांव में अंधश्रद्धा का माहौल बन गया और लोगों ने बच्ची को ‘भगवान का रूप’ मानकर पूजा पाठ शुरू कर दिया।
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सिर पूरी तरह विकसित नहीं था
कोलावां गांव निवासी प्रणय कुमार की पत्नी नेहा देवी को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई, लेकिन चिकित्सीय सुविधाओं की कमी के चलते उन्होंने घर पर ही बच्ची को जन्म दिया। यह उनकी दूसरी संतान थी। जन्म के समय बच्ची का सिर पूरी तरह विकसित नहीं था, जो एनेनसेफली नामक गंभीर न्यूरल ट्यूब दोष की पहचान है। इस असामान्य स्थिति को देखकर ग्रामीण स्तब्ध रह गए और कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
चिकित्सा के अभाव में फैला अंधविश्वास
ग्रामीणों में चिकित्सा संबंधी जानकारी की कमी के चलते इस दुर्लभ शारीरिक विकृति को चमत्कार मान लिया गया। बच्ची को देवी का रूप मानकर कई लोगों ने पूजा शुरू कर दी।
15 दिन पहले मायके आई थी महिला
नवजात की मां नेहा देवी 15 दिन पहले ही अपने मायके कोलावां आई थीं। बच्ची के नाना दशरथ ने बताया कि जन्म के बाद बच्ची कुछ घंटे ही जीवित रही, जबकि मां की स्थिति फिलहाल सामान्य है। परंपरा के अनुसार, परिजनों ने नवजात के शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया।
चिकित्सक ने दी जानकारी
इस मामले पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि एनेनसेफली एक गंभीर जन्म दोष है, जो भ्रूण के शुरुआती विकास के दौरान मस्तिष्क और खोपड़ी के पूर्ण रूप से विकसित न होने के कारण होता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जानलेवा होती है और प्रभावित शिशु या तो मृत पैदा होते हैं या जन्म के तुरंत बाद दम तोड़ देते हैं।