नालंदा जिले के नेमचंद बाग गांव में भिंडी के दाम को लेकर हुए विवाद में 19 मई को घायल हुए 58 वर्षीय चनिरक मांझी की छह महीने बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। हमले में उनके हाथ-पैर टूट गए और सिर पर गंभीर चोटें आई थीं।
नालंदा जिले में भिंडी के दाम को लेकर हुए विवाद में घायल हुए एक अधेड़ की छह महीने बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मामला चेरो ओपी क्षेत्र के नेमचंद बाग गांव का है। मृतक की पहचान स्व. बंगाली मांझी के 58 वर्षीय बेटे चनिरक मांझी के रूप में की गई है। यह घटना 19 मई को हुई थी।
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मृतक के छोटे भाई मल्लू मांझी ने बताया कि 19 मई की सुबह वे गांव में भिंडी बेच रहे थे। इसी दौरान गांव के ही अनिल केवट, सोनू केवट, अखिलेश यादव और बवन केवट पहुंचे और 20 रुपये किलो की भिंडी को 10 रुपये किलो देने की मांग करने लगे। मना करने पर वे लोग लौट गए, लेकिन थोड़ी देर बाद फोन कर लगभग दो दर्जन लोगों को बुला लिया।
इसके बाद भीड़ घर पर चढ़ दौड़ी। पहले फायरिंग की गई और फिर घर में मौजूद चनिरक मांझी पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। हमले में उनके हाथ-पैर टूट गए और सिर पर गंभीर चोट लग गई। घायल चनिरक मांझी को पहले कल्याण विगहा, फिर बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल, और वहां से पीएमसीएच रेफर किया गया। कई महीनों तक उनका इलाज चलता रहा। मंगलवार की देर रात घर में ही उनकी मौत हो गई।
चेरो ओपी प्रभारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि छह माह पूर्व दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इसी घटना में घायल अधेड़ की अब मौत हो गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज की गई थी और कई आरोपितों को पहले ही न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। पुलिस अब सुसंगत धाराओं में आगे की कार्रवाई कर रही है। ग्रामीणों में घटना को लेकर आक्रोश और डर का माहौल कायम है।