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न आवाज की जरूरत, न शोर का सहारा... अनुपम की रफ्तार ने दिलाया भारतीय टीम में टिकट

Sat, 03 Oct 2026 08:45 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाढ़

सार

नालंदा के हरनौत प्रखंड के महमूदपुर बलवा गांव निवासी युवा बधिर एथलीट अनुपम कुमार का चयन भारतीय राष्ट्रीय बधिर एथलेटिक्स टीम में हुआ है। वह मलेशिया के पेनांग में 3 से 10 अक्टूबर तक आयोजित प्रथम एशिया पैसिफिक डेफ मल्टी-स्पोर्ट्स चैंपियनशिप-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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एथलीट अनुपम कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नालंदा के एक छोटे से गांव से निकलकर युवा बधिर एथलीट अनुपम कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मुकाम हासिल किया है। हरनौत प्रखंड के महमूदपुर बलवा गांव निवासी अनुपम का चयन भारतीय राष्ट्रीय बधिर एथलेटिक्स टीम में हुआ है। वह मलेशिया के पेनांग में 3 से 10 अक्टूबर तक होने वाली प्रथम एशिया पैसिफिक डेफ मल्टी-स्पोर्ट्स चैंपियनशिप-2026 में देश की ओर से हिस्सा लेंगे। इस उपलब्धि के बाद अनुपम नई दिल्ली से मलेशिया के लिए रवाना हो रहे हैं।

परिवार के भरोसे और मेहनत से मिली नई उड़ान

साधारण ग्रामीण परिवार से आने वाले अनुपम के लिए यह सफर आसान नहीं रहा। उनके पिता पप्पू यादव और दादा सुरेंद्र यादव ने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उनके सपनों को पूरा करने में पूरा साथ दिया। परिवार के विश्वास, प्रशिक्षकों की मेहनत और अनुपम के लगातार अभ्यास ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है।

नालंदा के मैदान से राष्ट्रीय टीम तक का सफर

अनुपम ने अपने खेल जीवन की शुरुआत नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी से की। अकादमी के कोच सह सचिव कुंदन कुमार पांडेय ने उनकी प्राकृतिक गति और खेल के प्रति लगाव को पहचाना। इसके बाद उन्हें नियमित और तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। शुरुआती दौर में मिली खेल की बुनियादी समझ और अनुशासन ने आगे की तैयारी में उनकी काफी मदद की।

बेहतर प्रशिक्षण के लिए अनुपम बाद में हरियाणा के गुरुग्राम स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम पहुंचे। फिलहाल वह मुख्य कोच जितेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। यहां उनकी गति, तकनीक, एंड्यूरेंस और स्ट्रेंथ पर खास ध्यान दिया जा रहा है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनकी फिटनेस तैयार की गई है।

सांकेतिक भाषा ने आसान की तकनीकी ट्रेनिंग

बधिर खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण के दौरान कोच के निर्देशों और खेल की तकनीकी बारीकियों को समझना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अनुपम की तैयारी में सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ किशोरी जाजोदिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। कोच के तकनीकी निर्देश, फाउल से जुड़े नियम और ट्रैक पोजिशनिंग जैसी रणनीतियों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से अनुपम तक पहुंचाया गया। इससे उन्हें प्रशिक्षण को बेहतर तरीके से समझने और अपने प्रदर्शन में सुधार करने में मदद मिली।

अनुपम के चयन से नालंदा में खुशी का माहौल

भारतीय टीम में अनुपम के चयन की खबर से नालंदा के साथ पूरे बिहार के खेल प्रेमियों में उत्साह है। बिहार स्पोर्ट्स काउंसिल ऑफ द डेफ के महासचिव मोहम्मद अतहर अली ने इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि अनुपम की उपलब्धि दूसरे दिव्यांग खिलाड़ियों में भी नया आत्मविश्वास पैदा करेगी। डेफ काउंसिल ऑफ नालंदा की जिला इकाई ने भी प्रतियोगिता में उनके पदक जीतने की उम्मीद जताई है। नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी में भी अनुपम की सफलता पर खुशी मनाई गई। अकादमी से जुड़े प्रमोद कुमार, विनय कुमार, सत्यनाम कबीर, रवि कुमार, ओमप्रकाश पटेल और विकास कुमार समेत वरिष्ठ खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

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