विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान को एक बार फिर दोहराया है। सहनी ने कहा है कि अगर संविधान उन्हें एक हत्या की इजाजत दे तो वह ज्ञानेश कुमार को गोली मार देंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भगवान नहीं है कि उस पर कार्रवाई नहीं हो सकती और संविधान की वजह से ही उनके हाथ बंधे हुए हैं, नहीं तो वह सच में ऐसा कर देते।
वीआईपी प्रमुख ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अगर हमको एक खून माफ हो और देश का संविधान हमें इस चीज की इजाजत दे, तो ज्ञानेश कुमार को हम गोली मार देंगे, क्योंकि वह आज की तारीख में देश को खत्म करने में लगे हुए हैं।"
मुकेश सहनी ने अपने बयान को सही ठहराते हुए कहा कि देश को आजादी दिलाने के लिए उनके पूर्वजों ने बलिदान दिया है। अमर शहीद जुब्बा सहनी ने देश के लिए लड़ाई लड़ी है। इस देश को आजादी दिलाने के लिए हमारे पूर्वज शहीद हुए हैं। अगर इस देश को कोई खत्म करने के लिए आएगा, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। हम फूलन देवी के वंशज हैं, तो हम हथियार उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। क्योंकि देश रहेगा, तभी हम रहेंगे।
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चुनाव की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि देश में चुनाव किसी नेता के लिए नहीं, बल्कि जनता के लिए होता है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने संविधान में जनता को यह अधिकार दिया है कि अगर कोई नेता बेलगाम हो जाए, अपने वादे पूरे न करे और जनता के हित में काम न करे, तो जनता उसे कुर्सी से उतार सकती है।
उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह ताकत देश की जनता के पास है, किसी और के पास नहीं। लेकिन, आप तो देश की जनता के साथ ही खिलवाड़ कर रहे हैं। आप निष्पक्ष चुनाव नहीं करा रहे हैं। आखिर आप किसी दूसरे की गोद में बैठकर देश के साथ गलत क्यों कर रहे हैं? अगर ऐसा ही करना है तो फिर चुनाव कराना ही बंद कर दीजिए।
मुकेश सहनी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा, "बिहार में जनता ने मन बना लिया था कि भाजपा को भगाना है। जनता को लग रहा था कि सरकार अच्छा काम नहीं कर रही है। लेकिन आपने चुनाव के बीच में 10-10 हजार रुपए बांटकर और लाखों लोगों के वोट काटकर भाजपा के पक्ष में सरकार बनवा दी। बंगाल में आपने जाति और धर्म देखकर 27 लाख वोट काट दिए और पौने तीन लाख सुरक्षाबलों को उतारकर भाजपा के पक्ष में वोट करवाकर वहां सरकार बना दी। क्या इसके लिए यह देश है?"
उन्होंने कहा कि देश 150 करोड़ जनता का है। आप यहां अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं कर सकते। जब भी देश में अंग्रेजों या हिटलर जैसी प्रवृत्ति से कोई काम करेगा, तो देश के नौजवान चुप बैठने वाले नहीं हैं। 2029 में देश में बदलाव होना तय है। देश के युवा और किसान सभी परेशान हैं। जैसे ही बदलाव होगा और राहुल गांधी के नेतृत्व में सरकार बनेगी, तो सबसे पहले इसी आदमी को उठाकर जेल में डालेंगे और इनके साथ जो लोग हैं, उनकी भी जवाबदेही तय करेंगे। यह देश ऐसे ही किसी को नहीं छोड़ सकता।