बिहार विधान परिषद् की 10 सीटों के लिए अब तक उम्मीदवारों का नाम फाइनल नहीं हुआ। एक जून से ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। चार दिनों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन या महागठबंधन की ओर से किसी ने भी नामांकन नहीं किया है। कारण है कि अब तक किसी भी दल के शीर्ष नेतृत्व में प्रत्याशियों का नाम फाइनल नहीं किया है। नामांकन की अंतिम तिथि आठ जून को है। सियासी गलियारे में सबसे अधिक चर्चा भाजपा की लिस्ट की हो रही है। भाजपा ने अब तक अपना पत्ता नहीं खोला है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इसी काम को प्राथमिकता में लेकर दिल्ली से पटना आए हैं।
भाजपा में एमएलसी उम्मीदवारों में किन नामों की चर्चा
भाजपा से कायस्थ जाति से आने वाले संजय मयूख, राजपूत जाति से आनी वाल अमृता भूषण, कुर्मी जाति से आने वाले प्रेम रंजन पटेल, वैश्य समाज से आने वाले सिद्धार्थ शंभू, अमरनाथ गामी समेत कुछ नामों पर चर्चा चल रही है। वहीं कोईरी जाति से आने वाले दीपक प्रकाश भी भाजपा को मिलने वाली राजद कोटे की सीट पर दावेदार हैं। उनका एमएलसी बनना लगभग तय है।
बांकीपुर उपचुनाव के लिए भी विमर्श जारी
अगले माह यानी जुलाई में अंतिम सप्ताह बांकीपुर विधानसभा में उपचुनाव की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। 2025 में यहां से विधायक बने नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद से यह सीट खाली हो गई थी। नितिन नवीन फिलहाल पटना में हैं। उनका फोकस बांकीपुर सीट पर भी है। उम्मीदवार का नाम अब तक फाइनल नहीं हुआ। रेस में रणवीर नंदर, अजय आलोक और आशीष सिन्हा का नाम आगे चल रहा है। तीनों ने प्रदेश नेतृत्व को चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर दी है। तीनों कायस्थ समाज से आते हैं। इस जाति का वोट ही बांकीपुर में निर्णायक होता है। हालांकि, उम्मीदवार कौन होगा? इसका अंतिम फैसला नितिन नवीन को ही लेना है। वह बांकीपुर की टीम और बिहार भाजपा के नेताओं से विमर्श कर रहे हैं। जल्दी ही सारी तस्वीर साफ हो जाएगी।