मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी
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मनेर थाने के गेट के पास फायरिंग कर पुलिस को खुली चुनौती देने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने घटना के करीब आधे घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। शनिवार रात बाइक से पहुंचे तीन बदमाशों में से एक ने थाने के गेट के पास गोली चला दी और तीनों दानापुर की ओर भाग निकले। पुलिस ने पीछा कर उन्हें छितनावां-खगौल रोड पर पकड़ लिया। आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई है।
थाने के गेट के पास अचानक चली गोली
दानापुर एसडीपीओ-2 अमरेंद्र कुमार झा ने बताया कि शनिवार रात करीब 8:30 बजे एक बाइक पर सवार तीन बदमाश मनेर थाने के गेट के पास पहुंचे। इसी दौरान उनमें से एक बदमाश ने फायरिंग कर दी। गोली की आवाज सुनते ही आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई। फायरिंग के बाद तीनों बदमाश बाइक से दानापुर की तरफ भाग निकले। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत उनकी तलाश शुरू कर दी।
11 किलोमीटर पीछा कर पुलिस ने पकड़ा
थानाध्यक्ष रजनीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बदमाशों का पीछा शुरू किया। पुलिस करीब 11 किलोमीटर तक उनका पीछा करती रही। इसके बाद तीनों को छितनावां-खगौल रोड पर घेरकर पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की।
तीनों आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनेर के रामनगर निवासी प्रवीण श्रीवास्तव के बेटे गौतम कुमार, दानापुर गोला रोड निवासी मुकेश कुमार साव के बेटे गोविंद कुमार और अनिल सिंह के बेटे गोलू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान फायरिंग के पीछे की वजह और उनके आपराधिक इतिहास का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
दहशत फैलाने के लिए फायरिंग का शक
एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार झा ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने इलाके में दहशत फैलाने के इरादे से फायरिंग की थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने थाने के गेट के पास ही फायरिंग क्यों की और इसके पीछे कोई खास वजह या साजिश थी या नहीं। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और गिरफ्तार तीनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है।