Bihar: ग्रामीण क्षेत्रों में ममता कार्यकर्ताएं गर्भवती महिलाएं एवं नवजात शिशुओं को टीकाकरण, पोषण सहित परिवार नियोजन जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके आरोप से स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सासाराम जिले के सदर अस्पताल सासाराम में कार्यरत ममता कार्यकर्ताओं ने विभाग के प्रभारी अधिकारी सीमा कुमारी पर भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। बता दें कि ममता कार्यकर्ताएं गर्भवती महिलाएं एवं नवजात शिशुओं को टीकाकरण, पोषण सहित परिवार नियोजन जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं एवं योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में इनका महत्वपूर्ण योगदान होता है और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करती हैं।
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प्रभारी अधिकारी पर गंभीर आरोप
ममता कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सदर अस्पताल में उन्हें पहले विश्राम गृह दिया गया था, लेकिन अब इन्हें विश्राम गृह से वंचित कर दिया गया है। जिसके कारण पूरे दिन खड़े होकर काम करना पड़ रहा है। यह भी आरोप है कि सदर अस्पताल के वरीय अधिकारी इनकी बातों को नजर अंदाज करते हैं और उन्हें न्यूनतम सुविधा भी नहीं दी जा रही हैं। इसके अलावा ममता कार्यकर्ताओं ने वेतन भुगतान में देरी करने एवं जातीय भेदभाव का भी आरोप लगाया है।
आरोप निराधार, मिल रही सभी सुविधाएं
मामले में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ आसित रंजन ने कहा कि कुछ ममता कार्यकर्ताएं अपनी समस्याओं को लेकर आईं थीं, जिसका समाधान कर लिया गया है। ममता कार्यकर्ताओं को बैठने के लिए विश्राम गृह एवं कुर्सियां उपलब्ध करा दी गई हैं और आवंटन होते हीं वेतन भुगतान भी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ममता कार्यकर्ता चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी एवं आशा कार्यकर्ताओं की तरह अस्पताल परिवार की एक सदस्य हैं। इसलिए भेदभाव के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।