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JDU Whip: विशेष संसद सत्र से पहले जदयू का तीन-लाइन व्हिप, 16 से 18 अप्रैल तक सभी सांसदों की उपस्थिति अनिवार्य

Mon, 13 Apr 2026 12:02 PM IST
Ashutosh Pratap Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपने सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के लिए 16 से 18 अप्रैल तक विशेष संसद सत्र के दौरान तीन-लाइन व्हिप जारी किया है। पार्टी ने सभी सांसदों की उपस्थिति अनिवार्य की है।
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सीएम नीतीश कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने सोमवार को अपने सभी सांसदों के लिए लोकसभा और राज्यसभा में तीन-लाइन व्हिप जारी किया है। पार्टी ने निर्देश दिया है कि सभी सांसद 16 से 18 अप्रैल तक होने वाले विशेष संसद सत्र के दौरान सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहें।
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JDU, जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है, के लोकसभा में 12 और राज्यसभा में 4 सांसद हैं। पार्टी ने अपने सभी सदस्यों को तीन दिवसीय सत्र के दौरान लगातार उपस्थित रहने को कहा है।

विशेष संसद सत्र को लेकर तैयारी
यह कदम उस विशेष संसद सत्र से पहले उठाया गया है, जिसमें सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन को आसान बनाने के लिए संशोधन पेश कर सकती है। यह कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़ा है।
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BJP ने भी जारी किया व्हिप
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी अपने सभी सांसदों को तीन-लाइन व्हिप जारी किया था और 16 से 18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहने का निर्देश दिया था। पार्टी ने अपने पत्र में कहा कि सभी सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों की उपस्थिति अनिवार्य है और किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। पत्र में स्पष्ट कहा गया कि सभी सदस्य व्हिप का पालन करें और सदन में लगातार मौजूद रहें।

सरकार की संभावित योजना
विशेष संसद सत्र 16 अप्रैल से शुरू होगा, जिसमें मुख्य रूप से महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) में संशोधन पर चर्चा होगी। सरकार इस कानून के क्रियान्वयन को आसान बनाने के लिए दो बड़े बदलाव करने की तैयारी में है।

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कानून और परिसीमन से जुड़ा बदलाव
2023 में पारित इस कानून को पहले नई जनगणना और उसके बाद परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया था। लेकिन जनगणना में देरी के कारण अब सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर लगभग 816 की जा सकती है, जिसमें लगभग एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह विधेयक और परिसीमन से जुड़ा प्रस्ताव संवैधानिक संशोधन के रूप में पेश किया जा सकता है।
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