जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह (फाइल फोटो)
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बिहार में भारतीय जनता पार्टी कि सहयोगी जदयू उत्तर प्रदेश में दो-दो हाथ करने को तैयार है। इसका एलान जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने किया। हालांकि जब भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश में जदयू विधायकों को तोड़ कर पार्टी में शामिल कर लिया था उसी समय से जदयू ने निश्चय कर लिया था कि उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार खड़ा करेंगे।
जदयू यूपी में सामाजिक आधार के बल पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि यूपी में यादव और कुर्मी की संख्या करीब-करीब बराबर है। पार्टी के लिए यह ताकत भी है। पार्टी का मानना है कि कुर्मी वोटरों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने स्वतंत्र देव सिंह और सपा ने नरेश उत्तम को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। देश में फेस वैल्यू की राजनीति चल रही है तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बड़ा कुर्मी देश में दूसरा कोई नेता नहीं है। बिहार में कुर्मी और कुशवाहा की राजनीति को साधने में वह सफल भी रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि जदयू ने 2017 के विधानसभा चुनाव की तैयारी करके अंतिम समय पर चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया था। इसका असर कुर्मी वोटरों पर पड़ा था। कुर्मी मतदाताओं को संगठित करते हुए उत्तर प्रदेश में अनुप्रिया पटेल ने अपना दल गठित किया यह ठोस आधार है, जिसके बल पर जदयू उत्तर प्रदेश में अपना पैर फैलाकर भाजपा से बदला ले सकती है।
जब जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी से यह पूछा गया कि क्या पार्टी उत्तर प्रदेश चुनाव लड़ने की तैयारी में है। जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी उनको जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी उसको वह निभाने के लिए तैयार हैं।