बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा एनडीए की सरकार दो-तीन महीने में गिर जाएगी, के बयान के बाद सियासत पूरी तरह गरमा गई है।
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव के सी त्यागी ने तेजस्वी यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार जनता के द्वारा चुनी गई है। रोज-रोज बयान दे कर सरकार को अस्थिर करने का प्रयास न करें। बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की जो पराजय हुई है। उसे तेजस्वी अभी भी पचा नहीं पा रहे हैं। राजद को जो भी सीट मिली हैं।
आगे उन्होंने कहा कि वह तेजस्वी की लोकप्रियता की वजह से नहीं, चिराग पासवान के भितरघात की वजह से मिली है। चिराग पासवान ने चुनाव में यदि भितरघात न किया होता तो राजद 40 सीटों पर सिमट कर रह जाती। सरकार पांच वर्षों तक चलेगी।
208 दिनों के बाद शुक्रवार को अपने विधानसभा राघोपुर में तेजस्वी ने कहा था कि घबराइए मत, बिहार सरकार दो-तीन महीने में गिरने वाली है। इस बयान के बाद सत्ता पक्ष एवं विपक्ष आमने-सामने हैं।
इधर, लोजपा सांसद चिराग पासवान ने कहा कि राजद सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और मेरे पिताजी रामविलास पासवान ने काफी दिनों तक साथ काम किया। दोनों के संबंध अच्छे रहे। तेजस्वी यादव की ओर से पार्टी में आने को लेकर मिले ऑफर पर चिराग ने कहा कि वो हमेशा से मेरे छोटे भाई हैं। उनके ऑफर का सम्मान करता हूं। अभी मेरी प्राथमिकता आशीर्वाद यात्रा है।
बिहार की बर्बादी का मुख्य कारण नीतीश हैं
चिराग ने कहा कि बिहार की बर्बादी का मुख्य कारण नीतीश कुमार हैं। नीतीश मुझसे बड़े हैं, जब भी मिला हूं उनका पैर छुआ है। आगे भी नीतीश का सम्मान करूंगा। लेकिन नीतियों को लेकर बिहार के सीएम का विरोध जारी रहेगा। पापा के रहते कई बार लोगों ने लोजपा को तोड़ने की कोशिश की।
नीतीश को लेकर चिराग ने कहा कि मेरे पिता के आखिरी शब्द थे कि कुछ भी हो जाए नीतीश के साथ मत जाना। आज इस बात का बहुत दुख है कि जिन्होंने पापा का राजनीतिक भविष्य खराब करने की कोशिश की उनके साथ पार्टी के लोग खड़े हैं।