उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मीडिया में हड़ताल को लेकर भ्रामक वक्तव्य देने वाले तीन अंचल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तीनों निलंबित अधिकारियों को सचिवालय स्थित मुख्य कार्यालय में टैग किया गया है। यह कार्रवाई सचिवालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान घोषित की गई।
भ्रामक बयान पर सरकार का कड़ा रुख
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 50 फीसदी से अधिक राजस्व अधिकारी कार्य कर रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों द्वारा दी गई है। इसके बावजूद कुछ अधिकारियों द्वारा मीडिया में यह कहा जा रहा है कि सभी राजस्व अधिकारी हड़ताल पर हैं और कोई वापस नहीं लौटा है। उन्होंने इसे भ्रामक बताते हुए कहा कि इस प्रकार के बयान से लोगों को गुमराह किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निलंबित अधिकारियों के नाम और जांच
सरकार ने गलत वक्तव्य देने के आरोप में पूर्व अंचल अधिकारी सदर सह जिला भू अर्जन अधिकारी अररिया जितेंद्र पांडेय, सदर अंचल अधिकारी रजनीकांत और पूर्वी चंपारण में तैनात अंचल अधिकारी आनंद कुमार को निलंबित किया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इन अधिकारियों के विरुद्ध कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं और इनके कार्यों की भी जांच कराई जाएगी।
हड़ताल और कार्य में बाधा पर चेतावनी
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हड़ताल पर गए राजस्व अधिकारियों से बार-बार काम पर लौटने का आग्रह किया गया है। इसके बावजूद कुछ अधिकारी अब भी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले वापस लौटेंगे, उनकी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा, जबकि वापस नहीं आने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अधिकारी अवकाश के बहाने हड़ताल पर हैं, जिसकी जांच कराई जा रही है।
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त्यागपत्र देने वाले अधिकारियों की भी होगी जांच
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ राजस्व अधिकारियों ने त्यागपत्र स्वीकृत होने के बाद अपने कार्यकाल और सार्वजनिक वक्तव्यों के माध्यम से ऐसे प्रश्न खड़े किए हैं, जिनकी जांच आवश्यक है। इसके लिए महेंद्र पाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जिसमें मोना झा और नवाजिश को सदस्य बनाया गया है। यह समिति संबंधित अधिकारियों के आचरण, कार्यप्रणाली और संभावित अनियमितताओं की जांच करेगी।
सरकारी कार्यों में बाधा पर सख्त संदेश
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के आदेश पर जनगणना का कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन कुछ लोग राजस्व अधिकारियों को गुमराह कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम करने वाले अधिकारियों की समस्याओं का समाधान उदारता से किया जाएगा, लेकिन किसी भी प्रकार की दबाव की राजनीति या अराजकता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मार्च क्लोजिंग से पहले योगदान नहीं देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।