बता दें कि भावना कंठ दरभंगा के घनश्यामपुर से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन अब गांव में परिवार का कोई शख्स नहीं रहता। दरअसल, भावना के परिजन अब दरभंगा में रहते हैं। जब भावना की दादी और चाची को 26 जनवरी की परेड में उनकी बेटी के शामिल होने की जानकारी मिली तो खुशी से उनकी आंखें छलछला गईं। इस दौरान उन्होंने पूरे मुहल्ले में मिठाई भी बांटी।
भावना की दादी बालेश्वरी देवी ने कहा कि मेरी बेटी दिल्ली में प्रधानमंत्री के सामने 26 जनवरी की परेड में शामिल होंगी और लड़ाकू जहाज उड़ाएंगी। वह खूब आगे बढ़े और देश के साथ-साथ मिथिला का भी नाम रोशन करे। वहीं, चाची श्यामा कंठ ने बताया कि यह खबर मिलने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस दौरान उन्होंने भावना के साथ बिताए पल भी याद किए।
बता दें कि दिसंबर 1992 के दौरान भावना का जन्म बिहार के दरभंगा जिले में हुआ। उनके पिता तेज नारायण कंठ बेगूसराय स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में काम करते थे। इसके चलते भावना की स्कूलिंग भी बेगूसराय में हुई। वहीं, बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीई करने के बाद भावना भारतीय वायुसेना में चुन ली गईं।
गौरतलब है कि भावना देश की पहली महिला फाइटर पायलट भी हैं। उन्होंने यह योग्यता मई 2019 में हासिल की थी। दरअसल, साल 2015 के दौरान भारत सरकार ने वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में महिला पायलट की भर्ती का फैसला किया था। जुलाई 2016 में तीन महिलाओं ने फ्लाइंग ऑफिसर्स के तौर पर वायुसेना जॉइन की। यह महिला फाइटर पायलट का पहला बैच था, जिसमें भावना कंठ के साथ अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह शामिल थीं। 22 मई, 2019 के दिन भावना ने फाइटर जेट्स उड़ाने का ऑपरेशनल सिलेबस पूरा किया था।