नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार
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कृषि कानूनों को लेकर संसद घेरने के किसानों की योजना के बीच नीतीश कुमार ने सभी को बोलने का अधिकार है और लोगों को चर्चा के माध्यम से आश्वस्त करना होगा। बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पहले भी उनसे बातचीत कर चुकी है। सरकार की नीतियां किसी के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन लोगों में भावनाएं हैं इसलिए किसानों से फिर से बातचीत होनी चाहिए।
लंबे समय से आंदोलन पर बैठे हैं किसान
संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हुआ है और किसान संगठनों ने कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर 22 जुलाई को संसद का घेराव करने का ऐलान किया है. हालांकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें संसद घेराव की इजाजत नहीं दी है। गौरतलब है कि किसान लंबे समय से कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं। सरकार से कई दौर की बातचीत होने के बाद भी इस मामले पर कोई हल नहीं निकल सका है और किसान अपनी मांगों पर अड़े है।