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BPSC Exam 2026: बीपीएससी की AEDO परीक्षा में पेपरलीक के आरोप; अब ईओयू करेगी केस की जांच, जानिए पूरा मामला

Sun, 19 Apr 2026 06:51 AM IST
Aditya Anand न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

BPSC AEDO: बीपीएससी की ओर से ली जा रही सहायक शिक्षा विकास अधिकारी की परीक्षा एक बार फिर से सवालों के घेरे में है। पेपरलीक के आरोपों की जांच करने के लिए आर्थिक अपराध इकाई को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ईओयू की ओर से विशेष टीम का भी गठन किया गया है।  
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BPSC परीक्षा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ली जा रही है सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (AEDO) परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप लगने लगा है। मुंगेर और नालंदा में सामने आए मामलों के बाद सवाल उठने लगे। बिहार पुलिस ने मुंगेर और नालंदा में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने जांच की जिम्मेदारी आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को सौंप दी है। ईओयू ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। 

 

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पेपर लीक और परीक्षा में कदाचार के पूरे प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध इकाई अपने स्तर से करेगी। यह टीम मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच करेगी और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। जांच की निगरानी डीआईजी स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी, ताकि पूरे प्रकरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे। 

यह भी पढ़ें : परीक्षा में 20 लाख की डील का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 22 गिरफ्तार

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हर दिन एडीजी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

वहीं, जांच की प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन एडीजी को सौंपी जाएगी। वहीं एसआईटी का नेतृत्व एसपी राजेश कुमार करेंगे। टीम में डीएसपी और इंस्पेक्टर रैंक के पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले में कई बड़े परीक्षा माफियाओं की शामिल होने की बात सामने आ रही है। 

 

अब जानिए क्या है पूरा मामला?

15 अप्रैल को मुंगेर में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार फर्जी परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि 18 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। । इनमें भगत चौकी के सुजल कुमार, पटना के समीर कुमार, कहलगांव के प्रशांत कुमार और लड़ैयाटाड़ बंगलवा के प्रियांशु कुमार शामिल हैं। ये सभी असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। छापेमारी के दौरान इनके पास से मोबाइल और टैब भी बरामद किए गए।

 

मुंगेर पुलिस की जांच में क्या पता चला था?

मुंगेर के पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह स्थानीय युवकों को हायर कर परीक्षा में बैठाने की साजिश रच रहा था। साथ ही प्रश्नपत्र लीक कराने की भी कोशिश की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्थान की एक नोडल एजेंसी ने 128 अभ्यर्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया था, ताकि वे परीक्षा में शामिल होकर फर्जी तरीके से सफलता हासिल कर सकें। बायोमेट्रिक क्लियर कराने के लिए सुजल कुमार को एजेंट बनाया गया था, जिसने असली अभ्यर्थियों की जगह फर्जी परीक्षार्थी बैठा दिए गए।

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