रोहतास पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सासाराम के एक होटल में छापेमारी कर चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक खातों और कॉरपोरेट खातों से जुड़े दस्तावेज, महंगे मोबाइल फोन और कई अहम तकनीकी साक्ष्य बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर कमीशन कमाता था।
होटल में छापेमारी कर चार आरोपी गिरफ्तार
रोहतास पुलिस ने सासाराम नगर थाना क्षेत्र के प्रभाकर मोड़ स्थित आशीर्वाद होटल में शुक्रवार देर रात छापेमारी कर साइबर अपराध से जुड़े चार अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से चार बैंक खातों और दो कॉरपोरेट खातों की आईडी के अलावा चार महंगे मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सदर डीएसपी वन विप्लव कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब आठ बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रभाकर मोड़ स्थित आशीर्वाद होटल में साइबर अपराध से जुड़े कुछ लोग ठहरे हुए हैं।
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने होटल में छापा मारकर साइबर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
बैंक खाते उपलब्ध कराकर लेते थे ढाई प्रतिशत कमीशन
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी आसपास के जिलों के लोगों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे।
साइबर फ्रॉड के जरिए जब इन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर होती थी, तो उसके बदले आरोपियों को कुल राशि का 2.5 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
17 साइबर मामलों से जुड़े मिले सबूत
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन की तकनीकी जांच में चार बैंक खातों और दो कॉरपोरेट खातों की आईडी मिली है। इन खातों से जुड़े चेन्नई, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में कुल 17 साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में कैमूर जिले का रहने वाला 26 वर्षीय आदित्य राज शामिल है। वहीं अमन कुमार उर्फ अमन पटेल, आदित्य कुमार उर्फ हेमंत और राजकुमार उर्फ शुभम कुमार रोहतास जिले के बघैला, धनकाढ़ा और सलेमपुर गांव के निवासी हैं।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।