पुलिस ने ठग गिरोह को गिरफ्तार किया
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बिहार पुलिस ने रुपए डबल करने का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक एजेंट समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लोगों को अपना शिकार बना चुका है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पटना जिले के रामपुर डुमरा गांव निवासी रविंद्र कुमार, विश्वजीत कुमार, विष्णु कुमार, नारायण कुमार और लखीसराय जिले के बसोचक गांव निवासी एजेंट विपिन कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस की वर्दी पहनकर करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को रुपए डबल करने का झांसा देकर बुलाते थे। इसके बाद ठगी की पूरी साजिश रची जाती थी। गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी बताकर वर्दी पहनते थे और लोगों को डराकर उनके पैसे वापस ले लेते थे। बताया जा रहा है कि यदि किसी व्यक्ति को भरोसा दिलाने के लिए आरोपी रकम देते भी थे, तो उसके साथ अपना एजेंट भेज देते थे। रास्ते में एजेंट पुलिस की वर्दी पहनकर उसे रोकता और कथित जांच के नाम पर सारे पैसे वापस ले लेता था।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
एसडीपीओ-1 रामकृष्णा ने बताया कि पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि पटना जिले के पंचमहला थाना क्षेत्र स्थित रामपुर डुमरा गांव में कुछ लोग नोट डबलिंग के नाम पर ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उनके घरों में छापेमारी कर तीन अन्य लोगों और एक एजेंट को पकड़ा गया।
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घर से बरामद हुए लाखों रुपये
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से 10 लाख 10 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि मोबाइल में ठगी से जुड़े कई अहम साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के अधिकांश सदस्य एक ही परिवार से जुड़े हैं। हालांकि, इनके कई एजेंट अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। साथ ही अन्य राज्यों में सक्रिय एजेंटों की पहचान भी की जा रही है।