कद्दू-भात का प्रसाद ग्रहण करतीं छठ व्रती।
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छठ का इतना महत्व क्यों है?
ज्योतिष-कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित अरुण कुमार मिश्रा के अनुसार, यह लोक आस्था का महापर्व है। मतलब, यह बिहार और पूर्वांचल के लोगों की आस्था का प्रतीक है। आस्था पर न तो सवाल किया जा सकता है और न ही इसका कोई जवाब हो सकता है। जहां तक महत्व का सवाल है तो यह प्रकृति को चलाने वाले सूर्यदेव की उपासना का पर्व है। यह देवी कात्यायनी से आशीर्वाद मांगने का पर्व है। छठ दिखाता है कि जिसका अंत है, उसका उदय भी होगा।
छठ को लेकर पटना में क्या तैयारी?
छठ महापर्व को लेकर जिला प्रशासन ने सारी तैयारी पूरी कर ली है। जिला प्रशासन की ओर से 25 मार्च तक सुरक्षा की व्यापक इंतजाम किए गए हैं। घाटों पर महिला व्रतियों के लिए चेंजिंग रूम, सुरक्षा को लेकर वाच टावर, शौचालय, पीने के पानी, मेडिकल कैंप, भीड़ नियंत्रण के लिए जगह-जगह माइक, नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गई है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि पटना में छठ घाट पर सुरक्षा की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी जगह पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर ली गई है। महिला, पुरुष पुलिस बल के साथ-साथ गस्ती पार्टी, पैदल लाठी पार्टी और पेट्रोलिंग गाड़ी को भी लगातार पेट्रोलिंग का निर्देश दिया गया है। कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।