Weather News: अगर आप अपने कंबलों को पैक करने का सोच रहे हैं तो अभी कुछ दिन रुक जाएं। क्योंकि अभी आपको ठंड से पूरी तरह राहत नहीं मिलने वाली है। बिहार के कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान गिरकर 10 डिग्री के नीचे जा रहा है। दिन में तेज धूप गर्मी का एहसास करवा तो रही है लेकिन शाम होते ही पारा गिरने लगता है। मौसम विभाग ने इस दोहरे मिजाज वाले ठंड को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
आधा फरवरी गुजर गया लेकिन बिहार के कुछ जिलों में अब भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे चला जाता है। इतना ही नहीं कुछ जिलों में सुबह में कोहरा भी वाहन चालकों को परेशान कर रहा है। दोपहर 12 बजे तक धूप की तपिश इतनी बढ़ जाती है कि लोगों को गर्म कपड़े उतारने पड़ते हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि फिलहाल आगामी पांच दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। रात और सुबह में ठंड रहेगी। वसंत में मौसम का ऐसा ही मिजाज रहता है। शाम के बाद ठंड बढ़ने लगती है इसलिए हर हाल में सावधानी बरतें। गर्म कपड़े पहन कर ही शाम में बाहर निकले।
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कैमूर में सबसे अधिक गर्मी पड़ी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहा और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। सबसे अधिक गर्मी कैमूर में पड़ी। यहां का अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस कैमूर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दरभंगा में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश का अधिकतम तापमान 25.3 से 30.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ।
किशनगंज में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी
सबसे अधिक ठंड किशानगंज में पड़ी। यहां का न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 9.7 से 16.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पूर्णिया समेत कुछ इलाकों में सुबह में कोहरा छाया रहा। न्यूनतम दृश्यता 900 मीटर में दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले पांच दिनों में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान भी सामान्य बना रहेगा।
जानिए, क्यों हो रहा है ऐसा?
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक ने बताया कि पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ था। इसके प्रभाव से, 15 फरवरी 2026 के आसपास उसी क्षेत्र में एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में समुद्र तल से 12.6 किमी ऊपर लगभग 130 समुद्री मील की रफ्तार वाली उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम चल रही है। दो नए पश्चिमी विक्षोभों के पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को शीघ्र ही प्रभावित करने की संभावना है। इसमें एक 13 फरवरी से और दूसरा 16 फरवरी से। इसलिए इस तरह का दोहरे मिजाज वाले मौसम की स्थिति बन रही है।