विधायक के रूप में शपथ ग्रहण के बाद विधानसभा अध्यक्ष के रूप में नामांकन किया डॉ. प्रेम कुमार ने।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ही होंगे। 'अमर उजाला' ने पहले ही बताया था कि इस पद को लेकर जनता दल यूनाईटेड और भारतीय जनता पार्टी के अंदर कोई गतिरोध नहीं है। सोमवार को बिहार विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन प्रोटेम स्पीकर के सामने तेजस्वी यादव के पहले और मंत्रियों के बाद विधायक के रूप में डॉ. प्रेम कुमार ने शपथ ली थी। और, अब उन्होंने बिहार विधानसभा अध्यक्ष के रूप में चयन के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही सभी तरह की अफवाहों पर विराम लग गया है।
नामांकन के बाद डॉ. प्रेम कुमार ने क्या कहा?
विधानसभा अध्यक्ष पद पर नामांकन करने के बाद गया टाउन के भारतीय जनता पार्टी विधायक डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि एनडीए नेतृत्व और पार्टी ने मुझ पर भरोसा जताया है। उनके आदेश के बाद मैंने अपना नामांकन कर दिया है। कल परिणाम आएगा। मैं सभी का धन्यवाद करता हूं। नवीं बार विधायक चुनकर यहां पहुंचा हूं, इसलिए जनता जनार्दन का भी मैं धन्यवाद करता हूं। जिन विधायकों ने आज शपथ लिया और जो बच गए, उन्हें भी मैं शुभकामना देता हूं।
202 के मुकाबले विपक्ष 35... इसलिए नामांकन भी नहीं
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का परिणाम 14 नवंबर को आया था। इसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पांच दलों काे मिलाकर 202 सीटें आई थीं। दूसरी तरफ विपक्षी महागठबंधन में कांग्रेस सहित 35 सीटें हासिल हुई थीं। असद्दुदीन ओवैसी की पार्टी के पांच और मायावती की बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक बने। इस तरह अगर विपक्ष में इन्हें भी जोड़ लिया जाए तो 41 सीटें होती हैं। ऐसी स्थिति में पिछली बार की तरह फजीहत से बचने के लिए महागठबंधन ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष के रूप में किसी का नामांकन नहीं कराया। विधानसभा के इस विशेष सत्र में पहले दिन विधायकों को बारी-बारी से शपथ दिलाई गई थी। पहले मंत्रियों को सदन में शपथ दिलाई गई। उसके बाद डॉ. प्रेम कुमार और फिर तेजस्वी यादव के बाद बाकी विधायकों की बारी आई। तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता होंगे, यह भी पहले से तय है।