अंचल मसौढ़ी में ‘‘डॉग बाबू’’ के नाम से निवास प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद 29 जुलाई को पटना डीएम ने नगर पुलिस अधीक्षक, पटना पूर्वी के साथ प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय मसौढ़ी पहुंचे और जांच की। जांच के समय मसौढ़ी के अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, एनआईसी की टीम एवं आरटीपीएस के नोडल पदाधिकारी भी उपस्थित थे। आरटीपीएस काउंटर पर उपयोग किए जा रहे कम्प्यूटर सिस्टम की तकनीकी जांच करायी गई। एनआईसी के माध्यम से भी उक्त आवेदन अपलोडिंग के संबंध में जांच की गई। जांच के दौरान सभी कर्मियों से भी पूछताछ की गई।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar : तेज प्रताप ने लालू यादव की पार्टी राजद के एक 'जयचंद' का नाम बताया; पार्टी दफ्तर का राजफाश भी कर रहे
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि अंचल कार्यालय के कार्यपालक सहायक द्वारा उक्त आवेदन स्वयं कुत्ता का फोटो लगाकर अपलोड किया गया था। यह कार्य 15 जुलाई, 2025 को 09.41 बजे पूर्वाह्न किया गया था। यह कर्मी मसौढ़ी अंचल में कार्यपालक सहायक के तौर पर कार्यरत हैं जो निवास प्रमाण-पत्र बनाने से संबंधित कार्य करते हैं। कार्यपालक सहायक की पहचान जहानाबाद जिले घोषी निवासी मिथिलेश प्रसाद यादव के पुत्र मिंटू कुमार निराला के रूप में की गई है ।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News: सिपाही भर्ती परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी की हत्या, अपराधियों ने मारी गोली; जांच में जुटी पुलिस
आवेदन स्वीकृति के पश्चात निवास प्रमाण-पत्र का यह डॉक्युमेंट कार्यपालक सहायक मिंटू कुमार निराला ने ही सबसे पहले एक्सेस किया। पटना डीएम ने बताया कि आरोपी कार्यपालक सहायक मिंटू कुमार निराला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और इनके विरूद्ध अग्रतर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इन्हें बर्खास्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है। ऐसा करने के पीछे इनकी मंशा क्या थी तथा इस प्रकरण से जुड़े अन्य लोग कौन हैं इसकी भी महत्वपूर्ण जाँच की जा रही है।