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Bihar SIR: अब तक केवल एक राजनीतिक दल ने दर्ज करवाई आपत्ति, चुनाव आयोग की इस रिपोर्ट वामदल ने ऐसा कहा

Mon, 25 Aug 2025 12:09 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar Election: चुनाव आयोग ने कहा कि बिहार की अंतिम मतदाता सूची में कोई भी योग्य मतदाता छूटने ना पाये और कोई भी अयोग्य मतदाता जुड़ने न पाये। इसलिए मतदाता सूची प्रारूप में जिनका नाम छूट गया है तो वह कैंप में जाकर अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं। 
 
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चुनाव आयोग (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंडिया गठबंधन चुनाव आयोग पर लगातार हमलावार है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, तेजस्वी यादव व अन्य विपक्षी नेताओं के साथ मतदाता पुनरीक्षण कार्य के विरोध में वोट अधिकार यात्रा कर रहे हैं। चुनाव आयोग एसआईआर के नाम पर गरीबों का वोट लूटने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि लाखों गरीबों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। लेकिन, चौंकाने वाली बात यह है कि मतदाता सूची प्रारूप प्रकाशित होने के 25 दिन बाद एक राजनीतिक दल को छोड़कर किसी भी राजनीतिक दल की ओर से दावा या आपत्ति नहीं की गई है। चुनाव आयोग ने सोमवार सुबह मतदाता पुनरीक्षण कार्य का डेली बुलेटिन जारी किया। चुनाव आयोग के अनुसार, केवल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट (लिबरेशन) की ओर से 10 आपत्ति दर्ज करवाई गई है। इनके बीएलए की संख्या 1496 है।
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भोजपुर में 13 आपत्ति किए थे
भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल कुणाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बहुत बड़ी साजिश रच रहा है। हमलोगों ने अब तक 100 से अधिक आपत्तियां दर्ज करवाई है। लेकिन, रिकॉर्ड में केवल 10 ही दिखाया गया है। पहले दिन ही भोजपुर में 13 आपत्ति किए थे। इसमें 10 नए नाम जोड़ने और 3 कटे हुए नाम पर थे। इसको चुनाव आयोग ने दो ही गिना। अब तक हमने 100 से अधिक दावे आपत्तियां दर्ज कराए। इसमें से महज 10 ही गिना गया।
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इतने युवाओं ने भरा फॉर्म
चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि अब तक तीन लाख 79 हजार 692 युवाओं (18 वर्ष या उससे अधिक) ने मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने और नए मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए फॉर्म भरा है। चुनाव आयोग ने फिर से अपील करते हुए कहा कि एक अगस्त को जारी की गयी बिहार की प्रारूप मतदाता सूची में कोई भी त्रुटि दूर करने के लिये अपने दावे और आपति दर्ज करें। अभी तक किसी भी राजनीतिक दल ने एक भी दावा या आपत्ति नहीं दर्ज की है। चुनाव आयोग के अनुसार, राष्ट्रीय और राज्य स्तर के राजनीतिक दलों के बीएलए की संख्या एक लाख 60813 है। लेकिन, अब तक केवल एक राजनीतिक दल (कम्यूनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया, एमएल ) के बीएलए की ओर से प्रारूप निर्वाचक नामावली के संबंध में नाम जोड़ने या हटाने को लेकर दावा या आपत्ति की गई है।
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