चिराग पासवान, केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख
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बिहार में मतदाता सूची प्रारूप प्रकाशित होने के बाद शुरू हुआ सियासी घमासान अब तक जारी है। विपक्ष के नेता लगातार चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं। अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इंडिया गठबंधन के नेताओं को जवाब दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से सवाल भी पूछा है। मेरा राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से बस एक सवाल है कि वह बताएं कि चुनाव से जुड़े मसले पर किस विभाग या मंत्री को जवाब देना चाहिए? अगर वे इसका जवाब दे दें, तो मैं खुद सरकार से अनुरोध करूंगा कि इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाए। चिराग ने कहा कि मैं विपक्ष के रुख से हैरान हूं, जो एक ऐसी प्रक्रिया पर चर्चा की मांग कर रहा है जिसे चुनाव आयोग संचालित करता है। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, सरकार का अंग नहीं। उन्होंने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण अति आवश्यक था। कई जगह एक व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज था। अगर पुनरीक्षण नहीं होता तो इसे कैसे सुधारा जाता?
एक भी भारतीय मुसलमान की नागरिकता नहीं छीनी गई
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पार्टी कार्यालय में तिरंगा फहराने के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे पर शुरू की जा रही 15 दिवसीय यात्रा का उद्देश्य लोगों में डर फैलाना है। 'मतदाता अधिकार यात्रा' का मकसद "डर और भ्रम फैलाना" है। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की पुरानी रणनीति है। जब सीएए आया तब भी उन्होंने खूब हल्ला मचाया। यह कानून उन लोगों को नागरिकता देने के लिए है जो धार्मिक उत्पीड़न के कारण पड़ोसी देशों से भागकर भारत आए हैं। अब तक एक भी भारतीय मुसलमान की नागरिकता नहीं छीनी गई है।
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विपक्ष ने हमेशा अफवाह फैलाने की कोशिश की है
इंडिया गठबंधन पर हमला बोलते हुए चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष ने हमेशा अफवाह फैलाने की कोशिश की है। विपक्ष के नेताओं ने ही कहा था कि तीसरी बार सत्ता में आने के बाद मोदी जी संविधान बदल देंगे और आरक्षण खत्म कर देंगे। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। चिराग ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने बिल्कुल सही कहा कि विपक्ष हमारे विदेशी दुश्मनों की भाषा बोल रहा है, जो भारत की उपलब्धियों को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। वह हमें 'डेड इकोनॉमी' बता रहे हैं, जबकि हम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहे हैं। यही भावना 'ऑपरेशन सिंदूर' की शानदार सफलता का आधार बनी।