लालू यादव के साथ उनकी बेटी रोहिणी आचार्य।
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लालू परिवार में फिर से सुर्खियों में है। इस बार कारण राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य हैं। पिछले कुछ दिनों से सियासी गलियारे में इस बात की अटकलें थी कि रोहिणी आचार्य अपने परिवार से नाराज हो गई हैं। लेकिन, आज रोहिणी आचार्य ने स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ फैलाई जा रही सारी चर्चाएं और अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि ट्रोल, पेड मीडिया और पार्टी पर कब्जा करने की नीयत रखने वाले लोग मेरे खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं।
रोहिणी बोलीं- मुझे कोई टिकट नहीं चाहिए
सारण लोकसभा से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी रोहिणी ने लिखा कि मेरी कभी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं रही है। मुझे न तो राज्यसभा की सीट चाहिए, न विधानसभा का टिकट और न ही किसी अन्य उम्मीदवार का समर्थन करना है। मेरा किसी भी परिवारजन से कोई मतभेद नहीं है और न ही मैं किसी भविष्य की सरकार में कोई पद चाहती हूं। इतना ही नहीं रोहिणी ने आगे लिखा कि मेरे लिए सबसे अहम मेरी आत्म-सम्मान, माता-पिता के प्रति समर्पण और परिवार की गरिमा है।
तेज प्रताप यादव उतरे थे बहन के समर्थन में
बता दें कि इस पोस्ट से दो दिन पहले ही रोहिणी ने लिखा था कि मैं बेटी और बहन के तौर पर अपने कर्तव्यों का पालन कर रही हूं और करती रहूंगी। न तो मुझे किसी पद की चाह है और न ही राजनीति में महत्वाकांक्षा। रोहिनी ने एक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें वह ऑपरेशन थिएटर ले जाई जा रही थीं। उसी सर्जरी ने उनके पिता लालू प्रसाद की जान बचाई थी। उन्होंने लिखा था कि जो अपने जीवन की बाजी लगाकर बलिदान देता है, उसके खून में निडरता, साहस और आत्म-सम्मान होता है। इसके बाद रोहिणी के समर्थन में उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव भी उतर गए थे। कहा था कि रोहिणी ए जो बलिदान दिया, वैसा करना किसी भी बेटी, बहन या मां के लिए आसान नहीं है। उनका आक्रोश जायज है। उन्होंने कहा था कि उनकी बहन पर सवाल उठाने वाले पर उनका सुदर्शन चक्र चलेगा।