बक्सर सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पांच डिसमिल जमीन मिलने के झांसे में पड़कर सैकड़ों महिलाएं पहुंच गई। वहां मौजूद एक व्यक्ति महिलाओं को पांच डिसमिल जमीन दिलाने का दावा करते हुए उनसे फार्म भरवाने के लिए कह रहा था। इतना ही नहीं फार्म भरवाने के बदले उनसे 10 रुपये लिए जा रहे थे। हालांकि, जब उससे पूछा गया कि किस योजना के तहत यह आवेदन फार्म भरे जा रहे हैं, उसका कोई स्पष्ट विवरण नहीं मिल सका। इसकी सूचना मिलने पर सदर बीडीओ साधु शरण पांडेउ मौके पर पहुंचे और महिलाओं को वहां से हटवाया, लेकिन तब तक अंचल कार्यालय के कर्मियों ने 146 फार्म जमा कर लिए थे।
जो व्यक्ति फार्म भरवा रहा था, वह अपने आपको जिले के अरियांव गांव का निवासी तथा जन संघर्ष मोर्चा का संयोजक बता रहा था। उसने अपना नाम सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय बताया। वह इन महिलाओं को पांच डिसमिल जमीन दिलाने का वादा कर रहे थे और इसके लिए एक फार्म भरवाने की प्रक्रिया चला रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार ने इस योजना की घोषणा की है? तो वह अलग-अलग बातें करने लगे और अंत में यह बताया कि वह सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन दी जाए।
पहले रुपये लेने की बात से किया इनकार, फिर बोला गरीबों की लड़ाई लड़ने में आता है खर्च
पूछने पर सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि वह इसके लिए फार्म छपवाकर महिलाओं से भरवा रहे थे, ताकि सरकार तक उनकी बात पहुंच सके। जब यह पूछा गया कि वह रुपये क्यों ले रहे थे तो उन्होंने पहले इनकार किया, लेकिन बाद में बताया कि पार्टी का सदस्यता शुल्क लिया जा रहा है। हम अपने पैसे से बक्सर से पटना तक संघर्ष करता हूं।
अंचलाधिकारी बोले, जांच कर होगी कार्रवाई
वहां पहुंची महिलाओं द्वारा अंचल कार्यालय के कर्मी ने 146 फार्म जमा कराए। हालांकि, अंचल कार्यालय के कर्मी यह नहीं बता सके कि ये फार्म किस योजना के तहत जमा कराए गए। मामले में अंचलाधिकारी प्रशांत शांडिल्य ने बताया कि इन आवेदनों की जांच की जा रही है, ताकि सही जानकारी सामने आ सके। जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।