बिहार में बदलाव का आज बड़ा दिन है। लेकिन, यह बदलावों की शुरुआत है। आज भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में तारापुर के भाजपा विधायक सम्राट चौधरी शपथ लेंगे। जनता दल यूनाइटेड की ओर से दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ लेंगे। अभी जनता दल यूनाइटेड की ओर से बिहार विधानसभा के अध्यक्ष को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष अभी भारतीय जनता पार्टी के गया टाउन विधानसभा सीट से विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री डॉ प्रेम कुमार हैं। बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी चूंकि भाजपा के पास आ गई है, तो एनडीए सरकार के फार्मूले के तहत विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी दूसरे सबसे बड़े दल, यानी जदयू जानी है। डॉ. प्रेम कुमार को इसका अंदाजा पहले से है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की सूचना के बाद से ही उनकी भागदौड़ और खासकर नागपुर यात्रा को इससे जोड़कर देखा जा रहा है।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष के रूप में नए चेहरे को भी पक्का किया जाएगा
फिलहाल डॉ प्रेम कुमार बिहार विधानसभा अध्यक्ष हैं और कुछ समय तक बने रहेंगे। नई सरकार की पूरी प्रक्रिया वह करा देंगे। कुछ समय का इंतजार इस बात के लिए भी किया जा सकता है कि विपक्ष बहुमत साबित करने को लेकर कोई प्रस्ताव तो नहीं डालेगा। इधर मंत्रियों की सूची को फाइनल किया जाएगा और उधर बिहार विधानसभा अध्यक्ष के रूप में नए चेहरे को भी पक्का किया जाएगा। भाजपा अब तक डॉ प्रेम कुमार के साथ खड़ी है और वह चाह रही है की यह कुर्सी नहीं बदले। फिलहाल बिहार विधानसभा अध्यक्ष और बिहार विधान परिषद के सभापति भाजपा से हैं। विधान परिषद के सभापति ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर शिष्टाचार मुलाकात के बाद उनसे MLC पद त्याग का पत्र लिया था। विधान परिषद के भी सभापति की कुर्सी नई परिस्थितियों में फंस रही है। संभव है कि इसमें से एक कुर्सी भारतीय जनता पार्टी और एक कुर्सी जनता दल यूनाइटेड के पास रहे। एक संभावना यह भी बन रही है कि चिराग पासवान की लोग जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के लिए भी यहां कोई संभावना खुले।