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Bihar Politics: 'महागठबंधन की जीत हुई तो तेजस्वी होंगे मुख्यमंत्री', भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य

Wed, 18 Jun 2025 07:09 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar: दीपंकर भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा फिर से नीतीश कुमार ही होंगे और कहा कि बीजेपी के लिए नीतीश एक मजबूरी हैं। अगर वो मजबूरी में नहीं होते तो बीजेपी के हाथों लोकसभा चुनाव से पहले ‘हाईजैक’ नहीं होते। पढ़ें पूरी खबर

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दीपंकर भट्टाचार्य व तेजस्वी यादव - फोटो : Facbook profile
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विस्तार
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भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि अगर बिहार में अगला विधानसभा चुनाव महागठबंधन जीतता है, तो तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह बात एक इंटरव्यू में कही। दीपंकर भट्टाचार्य ने बताया कि तेजस्वी यादव महागठबंधन का चेहरा हैं और जनता उन्हें ही मुख्यमंत्री के रूप में देखती है। उन्होंने यह भी कहा कि भाकपा (माले) इस बार 40 से 45 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को 19 सीटें मिली थीं, जिनमें से उसने 12 पर जीत दर्ज की थी।

जब उनसे पूछा गया कि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, तो उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में अगर भाकपा (माले) को ज्यादा सीटें मिलतीं, तो महागठबंधन सरकार बना सकता था। कांग्रेस को 70 सीटें मिली थीं, लेकिन वह सिर्फ 19 पर जीती। हमें 19 सीटें मिलीं और हमने 12 पर जीत हासिल की। दीपंकर ने कहा कि जहां भाकपा (माले) मजबूत है, वहां आरजेडी और कांग्रेस को भी फायदा मिलता है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी अब 24 से 25 जिलों में मजबूत उपस्थिति रखती है और अगर इन जगहों से चुनाव लड़ती है तो परिणाम में बदलाव ला सकती है।

क्या भाकपा (माले) को कांग्रेस के बराबर सीटें मिलनी चाहिए? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि कांग्रेस की जमीन पर पकड़ बिहार में कमजोर है, लेकिन वह राष्ट्रीय पार्टी है और विपक्ष की मुख्य ताकत भी। वहीं, भाकपा (माले) बिहार में जमीनी संगठन के लिए जानी जाती है। हम चाहते हैं कि महागठबंधन के सभी घटक दलों की ताकत का सही इस्तेमाल हो।

तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने को लेकर उन्होंने कहा कि तेजस्वी का चेहरा जनता के लिए पहले ही घोषित है। अब घोषित और अघोषित में फर्क नहीं रह गया है। महागठबंधन की जीत हुई तो मुख्यमंत्री तेजस्वी ही होंगे।

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दीपंकर भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा फिर से नीतीश कुमार ही होंगे और कहा कि बीजेपी के लिए नीतीश एक मजबूरी हैं। अगर वो मजबूरी में नहीं होते तो बीजेपी के हाथों लोकसभा चुनाव से पहले ‘हाईजैक’ नहीं होते। प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी जन सुराज पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वह अब बीजेपी की ‘बी टीम’ की तरह काम कर रहे हैं और लोगों में अब उनके लिए पहले जैसा उत्साह नहीं बचा है।

जनगणना को लेकर केंद्र सरकार की घोषणा पर उन्होंने कहा कि बीजेपी पहले तो जातिगत जनगणना के खिलाफ थी, लेकिन अब बिहार चुनाव को देखते हुए यह ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि लोग जानते हैं कि बीजेपी कहती कुछ है, करती कुछ और है। उन्होंने यह भी कहा कि जातिगत जनगणना के साथ-साथ आरक्षण की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए और निजी क्षेत्र में भी आरक्षण मिलना चाहिए। वाम दलों की एकता पर उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य अंतिम हो सकता है, लेकिन अभी जरूरत है कि सभी वाम दलों में बेहतर तालमेल हो।

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